मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में दो हजार बिस्तरों का अस्पताल बनेगा। अस्पताल निर्माण के प्रथम चरण के लिए 436 करोड़ रुपये शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूर किए गए। आधिकारिक तौर पर जारी बयान में बताया गया है कि मंत्रिपरिषद ने 100 बिस्तरों वाले अनूपपुर के जिला चिकित्सालय का उन्नयन कर बिस्तरों की संख्या 200 तक करने का फैसला भी लिया है। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर की ट्रांसमिशन परियोजना के लिए 840 करोड़ रुपये का ऋण लेने की मंजूरी का अनुमोदन किया। यह मंजूरी राज्य स्तरीय समिति ने प्रदान की थी।
यह परियोजना 2100 करोड़ रुपये की है। इसके प्रथम चरण का ऋण जर्मन विकास बैंक से प्राप्त किया जाएगा। मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के बाद अब अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाएगा।मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा नीति 2016 को भी अनुमोदित किया। इसका मकसद नवकरणीय ऊर्जा आधारित विद्युत परियोजनाओं में विकास को प्रोत्साहित करना, ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत पर निर्भरता कम करना, कार्बन उत्सर्जन कम करना है। इसके साथ ही आमजनों को बिजली के यथोचित इस्तेमाल के महत्व को समझाना है। संभावना है कि इस नीति के लागू होने से अक्षय ऊर्जा घर-घर तक पहुंच सकेगी।