हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर घाटी में अधिकांश जगहों पर कर्फ्यू के हालात पर अभिनेता वसीम मुश्ताक ने कहा कि कश्मीर के लोग अन्य राज्यों के लोगों की तरह ही 'शांतिपूर्वक' रहना चाहते हैं। घाटी में हालात नियंत्रण में लाने के लिए बीते नौ जुलाई से ही कर्फ्यू बहाल है। बुरहान वानी बीते आठ जुलाई को अपने दो साथियों के साथ सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।उन्होंने कहा, "मैं राजनीति या इससे संबंधित अन्य चर्चाओं से बेहद गहराई से वाकिफ नहीं हूं, लेकिन मैंने कश्मीर में कर्फ्यू व समस्त हालात पर खबरें देखी हैं।"'भाग्यविधाता', 'और प्यार हो गया' तथा 'अमृत मंथन' जैसे टेलीविजन धारावाहिक में काम कर चुके वसीम ने कहा, "मैं तमाम लोगों के जज्बातों को समझता हूं, जो कश्मीरियों के खिलाफ बोल रहे हैं, क्योंकि तस्वीरों में तो एक बड़ी भीड़ ही दिखाई पड़ती है और यहां मेरी चिंता यह है कि क्या समस्त कश्मीरी अवाम का आकलन इन अतिभावुक व पैसे लेकर हंगामा करने वाली भीड़ से ही किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "कर्फ्यू आम कश्मीरियों के जीवन को बेहद प्रभावित करता है। राज्य की आर्थिक संरचना कमजोर है और यही वे महीने हैं, जिसमें लोग कुछ कमा पाते हैं, क्योंकि पर्यटन व व्यापार की अन्य गतिविधियां चरम पर होती हैं। इसलिए कर्फ्यू का मतलब कमाई नहीं और कमाई नहीं तो खाना नहीं। इस तरह कर्फ्यू के कारण लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है।"वसीम ने कहा, "कश्मीर के लोग अन्य राज्यों के लोगों की तरह ही शांतिपूर्वक जीवन जीना चाहते हैं।"राज्य में पिछले एक सप्ताह से जारी हिंसा व तनाव से अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है।कश्मीर के बारामूला कस्बे तथा जम्मू क्षेत्र के बनिहाल कस्बे के बीच रेलगाड़ी सेवा छह दिनों से रुकी हुई है।राज्य में 17 जुलाई तक होने वाली सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षाओं के लिए तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।