दिल्ली में सरकारी स्कूलों के दैनिक रखरखाव की सुविधा के लिए, सोमवार को त्यागराज स्टेडियम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने मोबाइल एप्लिकेशन की शुरुआत की। इसके लिए प्रबंधकों की नियुक्ति, प्रिंसिपलों द्वारा की जाएगी, जो स्कूलों के इमारतों, बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई और सुरक्षा का ध्यान रखेंगे।स्कूल प्रबंधकों द्वारा मोबाइल एप्लिकेशन की सहायता से स्कूल के बुनियादी ढांचे, दिन-प्रतिदिन के रखरखाव, शिकायतों और निरीक्षण रिपोर्ट दाखिल करने का काम किया जाएगा।एप्लिकेशन प्रत्येक प्रबंधक के पास उपलब्ध होगा जो 9 बजे सुबह के पहले स्कूल निरीक्षण करेंगे और समस्या होने पर संबंधित व्यक्ति को समस्याओं की रिपोर्ट पेश करंेगे।
शिक्षा मंत्री के सलाहकार अतिशी मरलेना ने कहा कि मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्रतिदिन 11 बजे से पहले स्कूल रिपोर्ट, शिक्षा मंत्रालय को दाखिल करेंगे।उन्होंने कहा कि एप्लिकेशन वास्तविक समय के आधार पर स्कूलों का ट्रैक रखने के लिए तीन महीने के बाद जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी कि प्रबंधक यदि अच्छी तरह से स्कूल रखरखाव तथा शैक्षिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम नहीं हैं तो प्रिंसिपल इसकी शिकायत कर सकते हैं।मनीष सिसौदिया (जो शिक्षा विभाग भी देखते हैं) ने कहा कि एक स्कूल के प्रधानाचार्य शैक्षिक नेतृत्व करने के लिए होता है, लेकिन उसे दूसरे कार्य भी करने पड़ते हैं।
इसलिए, सरकार का मानना था कि प्रिंसिपलों को दैनिक रखरखाव और अन्य कार्यो से मुक्त होने की जरूरत है। दैनिक रखरखाव जैसे अन्य कार्यो के लिए प्रबंधकों की नियुक्ति की जानी चाहिए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए प्रिंसिपल ही जिम्मेदार होंगे।
अब तक 650 स्कूलों में प्रबंधकों को नियुक्त किया गया है और शेष स्कूलों में अगले दो से तीन महीनों में नियुक्ति की जाएगी।पहले पांच सप्ताह के लिए प्रबंधक एप का परीक्षण करेंगे, जिसके दौरान दैनिक रखरखाव तथा स्वच्छता से संबंधित 7320 शिकायतों का समाधान करेंगे।यह मोबाइल एप बेंगलुरू के आई टी कंपनी माइंड ट्री द्वारा विकसित किया जा रहा है।इस बीच, अरविंद केजरीवाल ने सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया कि सरकारी स्कूलों में निजी लोगों को भी बराबर रूप से लाया जाएगा।