राज्यपाल उर्मिला सिंह से आज यहां राजभवन में विख्यात ज्योतिषी कैप्टन डॉ. लेखराज शर्मा ने भेंट की।राज्यपाल ने ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र मेंयोगदान के लिए डॉ. शर्मा को बधाई देते हुए भविष्य में अधिक उपलब्धियों की आशा जताई। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति है और विश्व की सभी सभ्यताओं में इसकी विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि वेद जैसे हमारे प्राचीन धार्मिक ग्रंथ ज्ञान का स्रोत हैं और विज्ञान, चिकित्सा, ज्योतिष विज्ञान एवं खगोल शास्त्र तथा अनेक अन्य विषयों के बारे में भरपूर जानकारी उपलब्ध करवाते हैं। उन्होंने कहा कि पारम्परिक धरोहर को हर कीमत पर संरक्षित बनाया जाना चाहिए।
डॉ. लेखराम शर्मा ने राज्यपाल को पारम्परिक ज्ञान, जो हमारे प्राचीन धर्मग्रंथों का हिस्सा है और जिसमें ज्योतिष विज्ञान, वास्तुशास्त्र, हस्तरेखा विज्ञान इत्यादि भी शामिल हैं, के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी के लिए इनके संरक्षण के लिए प्रयास किए जाने चाहिएं। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों में इन्हें पाठ्यक्रम में शामिल कर हिमाचल प्रदेश में इन्हें बढ़ावा दिया जा सकता है। डॉ. लेखराम शर्मा हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं तथा ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार, अन्तर्राष्ट्रीय ज्योतिष पुरस्कार, अन्तर्राष्ट्रीय रोटरी पुरस्कार, भारत गौरव और कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वह हस्तरेखाओं पर आधारित जन्म कुंडली तैयार करने के विशेषज्ञ हैं।