बेमौसम बारिश और बर्फबारी के कारण पिछले सात महीनों में हिमाचल प्रदेश में 48 करोड़ रुपये की कृषि फसल और बागवानी बर्बाद हुई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और कृषि मंत्री राधा मोहन के समक्ष मुद्दा उठाते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि इसी महीने राज्य को चार बार भारी तूफान का सामना करना पड़ा, जिससे बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हुईं।मुख्यमंत्री ने कहा कि तकरीबन 88,000 एकड़ की रबी और खरीफ की फसलें बर्बाद हुई हैं।एक आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पिछले वर्ष अगस्त से अब तक राज्य में इस दौरान लगभग 30.04 करोड़ रुपये की कृषि फसल बर्बाद हुई है, जबकि 18 करोड़ रुपये की बागवानी नष्ट हुई है।
इसके अलावा सड़कों और पुलों को भी भारी क्षति पहुंची है।राज्य में तकरीबन 890 सड़क मार्ग और 40 पुलों को भारी क्षति पहुंची है तथा सिंचाई और जलापूर्ति की 4,647 योजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। मौसमी आपदा में राज्य में कुल 61 लोगों की इस बीच मौत हुई।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की राजस्व एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक पिछले सात महीनों में प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य को 832.67 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ है।