पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने उन मीडिया रिपोर्टस पर हैरानी जाहिर की है, जिनमें जालंधर के एक मैरिज पैलेस में पंचायत चुनावों के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले बैलेट पेपरों की फोटो कापियां दिखाई गई हैं। जिस पर उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट के मुख्य न्यायधीश से सू मोटो नोटिस लेते हुए तुरंत रूप से मामले की सी.बी.आई जांच करवाने की अपील की है, ताकि लोकतंत्र का कत्ल होने से बचाया जा सके। बाजवा ने कहा है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया धोखा बन चुकी है। ऐसे में न्यायिक दखलअंदाजी ही पंचायत चुनावों का सम्मान बचा सकती है। अपने पिछले ४० सालों के राजनीतिक करियर में उन्होंने सत्ता का ऐसा दुरुपयोग नहीं देखा है। जिस ढंग से अकाली-भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। बाजवा ने कहा कि बैलेट पेपर सिक्योरिटी प्रैस में छापे जाने चाहिएं, जनकी पूरी नंबरिंग होनी चाहिए। जबकि राज्य चुनाव आयुक्त एस.एस. बराड़ अपना फर्ज निभाने में नाकामयाब रहे हैं, जो सत्ताधारी गठबंधन के हाथों में खेल रहे हैं। यदि बैलेट पेपर समय पर प्रिंट नहीं हुए थे, तो चुनाव आगे डाले जाने चाहिए थे। उन्होंने कई बार राज्य चुनाव आयुक्त के समक्ष मुद्दा उठाया है, मगर वह अकाली भाजपा सरकार के हाथों में हैं। जालंधर से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव पार्टियों को जालंधर में बिना बैलेट पेपरों से भेज दिया गया है। पोलिंग स्टाफ को कहा गया है, कि आपको बैलेट पेपर बूथों पर मिल जाएंगे। जो साफतौर पर नियमों की उल्लंघना है। कोई शक नहीं है कि चुनाव डयूटी पर लगी पुलिस को सत्ताधारी पार्टी द्वारा बूथों पर कब्जे के लिए व विरोधी पक्ष के वोटरों को धमकाने के लिए प्रयोग किया जाएगा। बाजवा ने राज्य चुनाव आयुक्त के आचरण की भी जांच किए जाने की मांग की है, जिसने अकाली-भाजपा सरकार के सामने घुटने टेक दिए हैं।