शहर में वर्षो पुराने बने लोकल बस स्टाप काफी खस्ता हो चुके हैं और इसके साथ-साथ यह कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। किन्तू इनको गिरा कर नए बस स्टाप बनाने के लिए न तो गमाडा कोई कार्रवाही कर रहा है और न ही नगर निगम। उल्टा इन दोनों विभागों के अधिकारी बात करने पर इस कार्य की जिममेवारी दूसरे के सिर थोप कर दूर हो जाते हैं। यह बात मोहाली विकास मंच के अध्यक्ष विनीत वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहाकि शहर में लोकल बस सर्विस कब चलेगी और लोगों को इस सुविधा का लाभ कब मिलेगा इसके बारें में कुछ नहीं पता। लेकिन बड़ी हैरानी की बात यह है कि शहर में गमाडा के सहयोग से कई साल पहले बनाए गए बस कयू शेल्टर जिनकी हालत इन दिनों काफी खस्ता हो चुकी है। इनको हटाने के लिए किसी प्रकार की कोई कोशिश नहीं की जा रही है, जिसके चलते यह बस कयू शेल्टर हादसों का न्योता दे रहे हैं। शनिवार को मोहाली विकास मंच ने अन्य पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ मिल कर बस कयू शेल्टरो की जांच करने के बाद वर्मा ने नगर निगम और गमाडा को इन खस्ता हालत बस कयू शेल्टरों को जल्द से जल्द हटाने और इनके स्थान पर नए बस कयू शेल्टर बनाने की मांग की है। वर्मा ने कहा कि एक तरफ गमाडा शहर को हाईटेक बनाने की बात कर रहा है। किन्तू शहर में फेस-२, फेस-३बी२, फेस-९ और कई स्थानों पर कई साल पहले बनाए गए यह बस कयू शेल्टर खस्ता हो चुके हैं।
इस लिए इनको जल्द से जल्द हटाना चाहिए। कयोकि इनके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वर्मा ने कहा कि पिछले साल आई तेज आंधी और बारिश में एक नौजवान जो कि फेस-३बी१ स्थित खस्ता हालत बस कयू शेल्टर के नीचे शरण लेने के लिए रूका था तो उसी वक्त बस कयू शेलटर तेज आंधी में गिर गिया और युवक के नीचे आने से मौत हो गई थी। इसी तरह बस कयू शेल्टरों में कोई साफ-सफाई और देखभाल न होने के कारण हर तरफ गदंगी फैली रहती है और यह विज्ञापनबाजी से भरे पड़े हैं। वर्मा ने कहा कि इस संबंधित उन्होंने गमाडा के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि यह बस कयू शेल्टर नगर निगम के हवाले हो चुके हैं जबकि नगर निगम के अधिकारियों अनुसार यह अभी भी गमाडा के अधीन ही आते हंै और गमाडा ने ही यह गिराने है। मंच के पदाधिकारी अमित वर्मा, मुनीष बंसल, खुशवीर सिंह, अमनदीप कौशल, मनीष कुमार, सतनाम सिंह, मंदीप सहगल और विक्रम सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि खस्ता हालत में खड़े इन बस कयू शेल्टरों को जल्द न हटाया गया तो वह संघर्ष करने के लिए मजबूर हो जाएगें।