वन्य, सहासिक एवं धार्मिक पर्यटन को उत्साहित किया जायेगा- सोहन सिंह ठंडल
पंजाब सरकार द्वारा टैंटों में रिहायश और कैंपिंग संबंधी व्यापक नीति को हरी झंडी
Web Admin
5 दरिया न्यूज
चंडीगढ़ , 06 Jul 2014
Last updated on: Jul 06, 2014, 00:00 IST
पंजाब सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य को पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है जिस तहत राज्य में वन्य, साहासिक और धार्मिक पर्यटन केंद्रों को उत्साहित किया जायेगा। पंजाब के पर्यटन मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने बताया कि राज्य सरकार वन्य, साहासिक और धार्मिक पर्यटन की बढी हुई मांग की पूर्ति के लिए तैयार है जिसके मद्देनज़र राज्य सरकार द्वारा 'टैंटों में रिहायश/कैंपिंग स्कीम व्यापक नीति को हरी झंडी दी गई है जहां पर्यटकों के लिए टैंटों /कैंपिंग साईटों को प्रबंध किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत बहुत समृद्ध है जिस कारण यहां के दिलकश स्थानों को देखने के लिए पर्यटक यहां आकर्षित होते हैं।पर्यटन मंत्री ने कहा कि पंजाब में देहाती क्षेत्रों, वनों और नदियों के किनारे ऐसे कई स्थान हैं जहां पर्यटन के लिए बहुत संभावनांए हैं परंतु इनको पर्यटन के लिए विकसित नही किया गया। ऐसे स्थानों पर जंगलों का असली अहसास करवाने के लिए स्थायी रिहायश बनाने की जगह पर आरज़ी रिहायश के लिए टैंट लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग ने वनों और जलगाहों को क्षति पहुंचाये बिना ऐसे स्थानों पर वातावरण पक्षीय ढंग अपनाते हुए टैंट लगाने का फैसला लिया है। ठंडल ने आगे कहा कि वन्य वातावरण संरचना की नाजुकता को देखते हुए और नवयुवक पर्यटकों को प्राकृतिक प्रेमी बनाने के मद्देनज़र नवयुवकों को शिक्षित गाईडों द्वारा कैंपिंग करने के लिए उत्साहित करने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन और कैंपिंग की बड़ी हुई मांग को पूरा करने एवं टैंटों में रिहायश के प्रबंध करने के अवसर पर स्तर, नियमों और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जायेगा। पर्यटन मंत्री ने आगे बताया कि टैंट लगाने और कैंपिंग साईटस के विकास के लिए पर्यटन क्षेत्र में प्रसिद्ध परमोटर कंपनियों द्वारा मुहैया करवाई सुविधाओं के पक्ष से टैंट/कैंपिंग साईटों को कैटागरी वाईस वितरित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन साईटों पर पंजाब सरकार द्वारा सब्सिडी पर आवश्यक सुविधांए जैसे बिज़ली और पानी का प्रबंध किया जाये।