लुधियाना से पूर्व सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने लुधियाना व दिल्ली के मध्य उडऩे वाली रोजाना फलाइट बंद होने पर राज्य व केन्द्र सरकार पर बरसते हुए कहा कि व्यक्तिगत तौर पर प्रयत्न करके उन्होंने 14 मई, 2010 को यह सेवा शुरू करवाई थी। इसको एन.डी.ए सरकार का लुधियाना के लोगों को पहला तोहफा कहा जा सकता है, जिसका अकाली दल एक हिस्सा है।इस क्रम में तिवारी ने फलाइट बंद होने पर सख्त प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए याद किया कि लधियाना व दिल्ली के मध्य फलाइटों को शुरू करवाने खातिर उन्हें कितनी कोशिशें करनी पड़ी थीं। उन्होंने न सिर्फ फलाइट सेवा शुरू करवाई थी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया था कि लुधियाना एयरपोर्ट पर ए.वी.ओ.आर सिस्टम भी स्थापित किया जाए, ताकि खराब मौसम में भी फलाइटों को लैंड व टेकओफ करवाने हेतु आसानी से देखा जा सके।
पूर्व मंत्री ने कहा कि जहां उनको अकालियों से कोई आशा नहीं है, वहीं पर वह उम्मीद करते हैं कि लुधियाना से नए सांसद रवनीत बिट्टू जल्द ही फलाइटस को दोबारा शुरू करवाएंगे।वह जानते हैं कि पहले दिन से ही अकाली इससे खुश नहीं थे, जो इसके लिए उनको क्रेडिट नहीं देना चाहते थे। पिछले चार साल से अकालियों का रवैया न सिर्फ निराश करने वाला था, बल्कि लुधियाना एयरपोर्ट की कार्यप्रणाली को सुधारने को लेकर विरोधी भी था, जिसका कारण सबको पता है। जिन्होंने अब पहला अवसर मिलते ही फलाइटों की आवाजाही बंद करवा दी है।तिवारी ने कहा कि उन्होंने आशा जताई थी कि पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार व केन्द्र की एन.डी.ए सरकार लुधियाना व दिल्ली के मध्य हवाई संपर्क को सुधारने हेतु सहयोग करेंगे। मगर इसके विपरीत लुधियाना के लोगों को फलाइटें बंद करने संबंधी ऐलान होने की खबर मिली है।