मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने बिजली वितरण प्रणाली पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए 10,500 सुरक्षा टूल किटें खरीदी हैं। इन टूल किटों के वितरण का शुभारंभ आज पंजाब के बिजली मंत्री स. तरुणप्रीत सिंह साँध ने सराभा नगर, लुधियाना स्थित पीएसपीसीएल कार्यालय में आयोजित एक समारोह के दौरान किया।
इस अवसर पर डॉ. बसंत गर्ग, आईएएस, चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी), पीएसपीसीएल तथा इंजी. इंदरपाल सिंह, निदेशक (डिस्ट्रिब्यूशन) भी उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री स. तरुणप्रीत सिंह सौंध ने कहा कि बिजली कर्मचारी हर मौसम और हर परिस्थिति में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सेवाएं देते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान वितरण प्रणाली पर कार्य करते समय सहायक लाइनमैन (एएलएम), लाइनमैन तथा अन्य कर्मचारियों के साथ हुए घातक और गैर-घातक हादसों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण अनेक बिजली कर्मचारियों को अपनी बहुमूल्य जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पंजाब सरकार ने बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण पहल की है।
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे इन सुरक्षा टूल किटों का नियमित उपयोग करें तथा सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें, ताकि बहुमूल्य जीवन सुरक्षित रह सकें और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा, कल्याण तथा बेहतर कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा भविष्य में भी ऐसे कर्मचारी हितैषी प्रयास जारी रहेंगे।
समारोह की मेजबानी इंजी. जगदेव सिंह हांस, मुख्य इंजीनियर, सेंट्रल ज़ोन, लुधियाना ने की। इस अवसर पर मुख्य इंजीनियर (पी एंड एम), मुख्य इंजीनियर (स्टोर्स एंड वर्कशॉप) तथा पीएसपीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
12.60 करोड़ रुपये की लागत से 10,500 सुरक्षा टूल किटों की खरीदः सीएमडी डॉ. बसंत गर्ग
पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग, आईएएस ने बताया कि पंजाब सरकार की पहल के तहत पीएसपीसीएल ने प्रत्येक सुरक्षा टूल किट पर लगभग 12,000 रुपये खर्च किए हैं तथा 10,500 टूल किटों की खरीद पर कुल 12.60 करोड़ रुपये की लागत आई है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा टूल किट उपलब्ध कराने के साथ-साथ कर्मचारियों को इन सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग संबंधी निरंतर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
प्रत्येक सुरक्षा टूल किट में कैनवास बैग, प्लास, स्क्रूड्राइवर सेट, स्पैनर सेट, रैचेट सेट, नियोन टेस्टर, पोल सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी हेलमेट, वोल्टेज सेंसर, रिफ्लेक्टिव जैकेट, सेफ्टी गॉगल्स, रिचार्जेबल एलईडी टॉर्च तथा सेफ्टी दस्ताने शामिल हैं, जो कर्मचारियों को कार्य के दौरान बेहतर सुरक्षा प्रदान करेंगे.