Thursday, 16 July 2026

 

 

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ईरान के खार्ग द्वीप के तेल ठिकानों पर हमले से रोका, लेकिन जमीनी कार्रवाई से इनकार नहीं : डोनाल्ड ट्रंप

Donald Trump, US President, Washington
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Gurpreet Singh

Gurpreet Singh

5 Dariya News

वाशिंगटन , 15 Jul 2026

Last updated on: Jul 15, 2026, 15:07 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान के खार्ग द्वीप पर हमले के दौरान वहां के तेल ठिकानों को टारगेट नहीं करने का निर्देश दिया था, क्योंकि उनका मानना है कि इनको नुकसान पहुंचने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी सैन्य अभियान या भविष्य में इस रणनीतिक द्वीप पर नियंत्रण हासिल करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया।

फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर दो या तीन बार हमले किए, लेकिन इन हमलों के दौरान तेल ठिकानों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सेना को निर्देश दिया था कि तेल ठिकानों को नुकसान न पहुंचाया जाए, क्योंकि वे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहे तो भविष्य में इन प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है, लेकिन फिलहाल इसकी संभावना कम है। साक्षात्कार के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह खार्ग द्वीप पर नियंत्रण हासिल करने की योजना रखते हैं, तो उन्होंने इस पर स्पष्ट जवाब देने से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि ईरान की सैन्य क्षमता को पर्याप्त रूप से कमजोर कर दिया जाता है, तो वह ऐसा कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।

जमीनी सैन्य अभियान की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह इस विकल्प से इनकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ परिस्थितियों में जमीनी अभियान की आवश्यकता पड़ सकती है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ऐसे अभियान में किन अन्य बलों की भूमिका हो सकती है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान से ईरान के सैन्य ढांचे को इतना नुकसान पहुंचा है कि यदि अभियान अभी समाप्त भी हो जाए तो उसे दोबारा खड़ा करने में ईरान को लगभग 20 वर्ष लग सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत केवल ताकत के आधार पर ही संभव है और सैन्य शक्ति ही वास्तविक ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वह स्वयं उन्हें रोकने का निर्णय नहीं लेते। ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अभी भी कुछ सैन्य क्षमता बची है, लेकिन वह काफी सीमित हो चुकी है।

खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान के तट से दूर स्थित है और लंबे समय से देश के कच्चे तेल के निर्यात का प्रमुख केंद्र रहा है। इस द्वीप पर किसी भी प्रकार की रुकावट अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है, जिसका असर भारत सहित प्रमुख एशियाई आयातक देशों पर भी पड़ सकता है।

 

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