शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उस वीडियो पर अपना बयान बदलकर खुद का ही नुकसान किया है, जिसमें उन्हें तीसरी बार गुरु साहिबान और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ बेअदबी करते हुए दिखाई दे रहे और साथ ही संत जरनैल सिंह भिंडरावाला के खिलाफ आपत्तिजनक हरकतें करते हुए देखा गया है।
यह कहते हुए कि मुख्यमंत्री एक झूठ का बचाव करने के लिए सौ झूठ बोल रहे हैं, अकाली नेता ने कहा,‘‘ अब यह थ्योरी गढ़ी जा रही है , जिसमें मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि वीडियो में दिखाई दे रहे शख्स ने मास्क पहना हुआ है।’’ उन्होने आगे कहा कि अब साजिश की कहानी का प्रचार करने के लिए भगवंत मान के पुराने सहयोगी जगमन समरा के सवालों में घिरे पेज के लिए एक नई थ्योरी गढ़ी जा रही है।
सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने भगवंत मान से हर प्रेस कांफ्रेंस में नई-नई कहानियां नही गढ़ने की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक होकर अपने पापों के लिए माफी मांगने के बजाय सिख समुदाय की सर्वोच्च सीट का खंडन करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होने मुख्यमंत्री पर एक के बाद एक झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा,‘‘ पहले मान ने कहा कि वीडियो आर्टिफिशयल इंटेलिजेंट का एक उत्पाद है।
जब श्री अकाल तख्त साहिब की रिपोर्टों ने इसे गलत साबित कर दिया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वह नही है। अब वह दावा कर रहे हैं कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ने उनकी शक्ल का मुखौटा पहना हुआ है।’’ उन्होने कहा कि सिर्फ इतना ही नही,‘‘ पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि वीडिया में दिख रहा व्यक्ति उनसे एक इंच लंबा है, लेकिन आज उन्होने दावा किया कि वह व्यक्ति उनसे दो इंच लंबा है।’’
सरदार मजीठिया ने कहा कि झूठ बोलने के बजाय मुख्यमंत्री को वीडियो को जांच के लिए सीएफएसएल , चंडीगढ़ यां किसी अन्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लेबोरेटरी में जांच के लिए भेज देनी चाहिए थी। उन्होने कहा कि ऐसा करने के बजाय मुख्यमंत्री ने दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों नकली फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त करने की जिम्मेदारी दी जो केवल कागज पर ही मौजूद थी।
उन्होने दोनों पुलिस अधिकारियों एस.पी जशनदीप गिल और स्वपन शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि एक बार उनके खिलाफ मामला दर्ज हो जाने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के निष्कर्षों को नकारने की पूरी साजिश बेनकाब हो जाएगी। उन्होने कहा,‘‘ जशनदीप गिल के ससुर आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी हैं, जो इस बात का संकेत मिलता है कि अधिकारी को किसी दुर्भावनापूर्ण काम के लिए नियुक्त किया गया था।’’ उन्होने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही पैसे के लेन-देन का पता चल सकेगा और आम आदमी पार्टी की लीडरशीप पर जिम्मेदारी तय होगी।
अकाली नेता ने आम आदमी पार्टी के कनवीनर अरविंद केजरीवल से भी इस मामले में चुप्पी तोड़ने और मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होने यह भी मांग की कि आम आदमी पार्टी के जो कैबिनेट मंत्री रिपोर्ट सामने लेकर आए थे उनसे इसके झूठी साबित होने के बाद अपना रूख साफ करने की मांग की है। उन्होने यह भी मांग की कि राज्य में आम आदमी पार्टी द्वारा पाकिस्तान की आईएसआई एजेंसी के इशारे पर साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिशों की अलग से जांच की मांग की है।