भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एस.आई.आर.) के अंतर्गत जिला अमृतसर में 25 जून 2026 से विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक जिले के 2,134 बूथ लेवल अधिकारी (बी.एल.ओ.) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध करवाएंगे तथा उन्हें भरवाने में सहायता करेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एस.आई.आर. प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिले की 11 विधानसभा सीटों हेतु 11 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ई.आर.ओ.), 22 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ए.ई.आर.ओ.), 110 अतिरिक्त ए.ई.आर.ओ., 213 सेक्टर अधिकारी तथा 2,134 बूथ लेवल अधिकारी (बी.एल.ओ.) नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) का कार्य 24 जुलाई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 3 अगस्त 2026 को किया जाएगा।
मतदाता सूचियों से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 3 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकेंगी। इनका निपटारा 3 अगस्त से 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा 1 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। श्री दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि जिला अमृतसर में 88.61 प्रतिशत मतदाताओं की प्री-एस.आई.आर. मैपिंग पूरी हो चुकी है।
उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र के बी.एल.ओ. के बारे में जानकारी प्राप्त करें और उनके साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें ताकि मतदाता पंजीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से पूरा करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा भी बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए.) नियुक्त किए गए हैं, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने दृढ़ता के साथ कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो सके। उन्होंने लोगों से विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) संबंधी किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों से सावधान रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि एस.आई.आर. से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए नागरिक निर्वाचन आयोग के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त एस.आई.आर. संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए जिला स्तर पर जिला शिकायत निवारण अधिकारी (डी.जी.आर.ओ.) नियुक्त किए गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू किए गए “बुक ए कॉल विद बी.एल.ओ.” फीचर के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट तथा ई.सी.आई. नेट मोबाइल ऐप के माध्यम से मतदाता अपने संबंधित बी.एल.ओ. से सीधे फोन पर संपर्क कर मतदाता सूची एवं एस.आई.आर. प्रक्रिया संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इससे पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में बी.एल.ओ. के घर-घर दौरे के दौरान गणना प्रपत्रों के वितरण, भरवाने तथा एकत्र करने की प्रक्रिया संबंधी विस्तृत जानकारी साझा की गई।
उन्होंने राजनीतिक दलों को बताया कि जिले में विभिन्न दलों द्वारा कुल 5,251 बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए.) नियुक्त किए गए हैं। इनमें आम आदमी पार्टी के 2,094, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1,887, शिरोमणि अकाली दल के 814, भारतीय जनता पार्टी के 390 तथा बहुजन समाज पार्टी के 66 बी.एल.ए. शामिल हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बी.एल.ए.-2 नियुक्त करने की अपील की ताकि एस.आई.आर. प्रक्रिया को त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जा सके।
श्री दलविंदरजीत सिंह ने राजनीतिक दलों से एस.आई.आर. अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन अमले को अधिकतम सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शेष अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग के कार्य में भी राजनीतिक दलों को सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा एस.आई.आर. प्रक्रिया संबंधी पूछे गए विभिन्न प्रश्नों एवं शंकाओं का भी समाधान किया।
बैठक में चुनाव तहसीलदार राजिंदर सिंह काहलों, चुनाव कानूनगो प्रकीरत सिंह, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष गुरप्रताप सिंह संधू, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि हरगोबिंद सिंह गिल, बहुजन समाज पार्टी के राज्य सचिव तारा चंद भगत, जगदीश दुग्गल सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।