राज्य के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करने और उनका योजनाबद्ध तरीके से सामना करने की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां पंजाब सिविल सचिवालय में मिनी बस ऑपरेटरों की एसोसिएशन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चाधिकार प्राप्त समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान परिवहन मंत्री ने परिवहन सचिव वरुण रूजम, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर परनीत शेरगिल और निदेशक परिवहन राजीव कुमार गुप्ता के साथ एसोसिएशन द्वारा अपनी परिचालन संबंधी समस्याओं के बारे में सौंपे गए एक विस्तृत मांग पत्र का बारीकी से मूल्यांकन किया। वित्त मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप करने के निर्देश जारी किए और इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार पंजाब भर के हजारों स्वरोजगार से जुड़े परिवहन ऑपरेटरों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वाहनों की पासिंग फीस में भारी वृद्धि से संबंधित प्रमुख शिकायत पर विस्तार से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी वित्तीय देनदारियों को कम करने के लिए सभी कानूनी समाधानों पर विचार करेगी। अवैध रूप से संचालित वाहनों के कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर परिचालन समस्याओं का उल्लेख करते हुए परिवहन मंत्री ने निर्धारित मिनी बस मार्गों पर चलने वाले ऐसे अनियमित वाहनों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि ये वाहन स्थापित ऑपरेटरों की आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं, बसों की समय-सारिणी को बाधित करते हैं और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनकर यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करते हैं। वित्त मंत्री ने डीजल, टायरों और मोटर लुब्रिकेंट्स सहित परिचालन लागत में हुई वृद्धि के कारण छोटे स्तर के ऑपरेटरों को पेश आ रही गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का भी संज्ञान लिया।
यह स्वीकार करते हुए कि बढ़ती लागतें इस क्षेत्र के अस्तित्व के लिए खतरा बन रही हैं, वित्त मंत्री ने वित्त एवं परिवहन विभागों को राज्य स्तरीय कर ढांचे का व्यापक मूल्यांकन करने के निर्देश दिए ताकि संकट का सामना कर रहे इस स्वरोजगार क्षेत्र को परिचालन राहत प्रदान करने के लिए उपयुक्त उपाय खोजे जा सकें। बैठक के दौरान क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति के बजाय उप-मंडल मजिस्ट्रेटों और अतिरिक्त उपायुक्तों को अस्थायी या अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने से संबंधित प्रशासनिक बाधाओं पर भी चर्चा की गई।
परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इसके कारण कार्यों में आ रही देरी का संज्ञान लेते हुए विभाग को प्रशासनिक नियुक्तियों को सुव्यवस्थित करने, परिवहन प्राधिकरणों की डिजिटल क्लीयरेंस प्रणाली को और बेहतर बनाने तथा दैनिक कार्यों से संबंधित प्रमाणपत्रों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि एक मजबूत और कुशल परिवहन अर्थव्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
बैठक के दौरान बलदेव सिंह, हरदीप सिंह, हरबंस सिंह ढालीवाल और प्रदीप कुमार ने मिनी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन, पंजाब का प्रतिनिधित्व किया।