राज्य सभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने कहा कि समाज, शासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद शक्ति का बेहतर स्रोत होता है। जिसके परामर्श से जनहितैषी कार्यों को अमलीजामा पहनाया जा सकता है। वर्तमान समय के दौर में परामर्श होना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की ताकत से ही देश का नया इतिहास लिखा जा सकता है।
उप सभापति हरियाणा विधानसभा द्वारा आयोजित सीपीए इंडिया रीज़न नॉर्थ जोन - 11 कॉन्फ्रेंस के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण, उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा सहित कई राज्यों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायकों ने भाग लिया।
उप सभापति ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना की ताकत समाज व देश को विकसित बनाने की अहम कड़ी है। दुनिया के अधिकांश देश, श्रमिक संघ जो तकनीकी रूप से आगे है वे दुनिया को रास्ता दिखा रहे है। नवॉचर के नवीनतम अध्याय आगे आ रहे है। लेकिन चुनौतियां भी बहुत आ रही है। हमें उनका हल निकालते हुए आगे बढ़ाना है।
श्री हरिवंश ने कहा कि देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन 2047 संकल्प नहीं, बल्कि 140 करोड़ आबादी का सपना है। इसमें देश को आर्थिक रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से समृद्ध और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ भीम राव आंबेडकर के कथन अनुसार भले ही आपसी मतभेद हो, लेकिन दलगत राजनीति और भावनाओं से ऊपर उठकर केवल देशहित में ही सोचना चाहिए। हमें आजादी के दौर पर गर्व करना चाहिए। देश आज आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इसके लिए समाज को जागरूक, सतर्क और मुखर बनाना है। नशा एक चुनौतीपूर्ण समस्या है। ऐसी सामाजिक समस्याओं से सचेत रहना है और इनको खत्म करना है। इसके अलावा शिक्षा पर मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संसद, विधानसभा में महिलाएं आगे आएंगी। इनसे घर, समाज और राष्ट्र तरक्की की और अग्रसर होंगे। पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर होने के साथ ही रोजगार सृजन होगा और लोकतंत्र की संस्थाएं भी मजबूत होंगी।
सम्मेलन को पंजाब के स्पीकर कुलतार सिंह संधवान, उपाध्यक्ष जय कृष्ण रोड़ी, दिल्ली के स्पीकर विजेंदर गुप्ता, हिमाचल के स्पीकर कुलदीप पठानिया, महाराष्ट्र विधान परिषद के चेयरमैन राम सिंह सिंधे, पश्चिम बंगाल के स्पीकर रथीन्दरनाथ घोष, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने विकसित भारत 2047 विजन पर अपने विचार रखे।