पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब भवन में पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन (पी.एस.टी.सी.) की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें व्यापारियों की सभी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। राज्य के व्यापारिक माहौल को और मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल अगले सप्ताह से व्यापारियों के साथ होने वाली बैठकों की व्यक्तिगत रूप से अध्यक्षता करेंगे, जिससे शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक तेज तथा प्रभावी बनाया जा सके।
समीक्षा बैठक की शुरुआत एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रस्तुति से हुई, जिसमें पिछली पी.एस.टी.सी. बैठकों के प्रमुख बिंदुओं तथा इन मंचों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी गई। पी.एस.टी.सी. के चेयरमैन के रूप में बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित पोर्टल की निरंतर निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली शिकायतों का सात दिनों के भीतर पूर्ण समाधान किया जाए।
प्रशासनिक देरी को समाप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने आयोग के सदस्यों को सचिव-स्तरीय अधिकारियों के साथ सक्रिय व्हाट्सऐप संचार चैनल स्थापित करने तथा सभी संबंधित राज्य विभागों के मुख्यालयों में समर्पित नोडल अधिकारियों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। व्यापारी भाईचारे के सामने आने वाली सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वित्त मंत्री ने स्पेशल डी.जी.पी. (कानून एवं व्यवस्था) को उनके कार्यालय में एक विशेष राज्य स्तरीय शिकायत सेल स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, “यह समर्पित सेल सुनिश्चित करेगा कि व्यापारियों को प्रभावित करने वाले कानून-व्यवस्था संबंधी मामलों में तत्काल और उच्च-स्तरीय प्रशासनिक हस्तक्षेप हो, ताकि ऐसे मामलों का शीघ्र समाधान किया जा सके।” इसके अलावा वित्त मंत्री चीमा ने व्यापारी भाईचारे के साथ मजबूत संवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुए पी.एस.टी.सी. को निर्देश दिए कि जिला स्तरीय बैठकों की सूचना पर्याप्त समय पहले जारी की जाए।
उन्होंने कहा, “जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए इन बैठकों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। विशेष रूप से मुख्यमंत्री की ओर से भेजे जाने वाले निमंत्रण पत्र निर्धारित बैठकों से कम-से-कम एक सप्ताह पहले संबंधित व्यापारियों तक पहुंचने चाहिए।” इससे पहले बैठक के दौरान पी.एस.टी.सी. के वाइस चेयरमैन अनिल ठाकुर तथा आयोग के विभिन्न सदस्यों ने जमीनी स्तर से प्राप्त महत्वपूर्ण फीडबैक और सुझाव साझा किए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें वित्तीय आयुक्त (कर) अजीत बालाजी जोशी, स्पेशल डी.जी.पी. (कानून एवं व्यवस्था) पी. के. सिन्हा, निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति बी. श्रीनिवासन, कर आयुक्त जतिंदरा जोरवाल, पी.एस.टी.सी. के सचिव पुनीत गोयल, निदेशक स्थानीय निकाय ए. एस. बराड़, विशेष सचिव (श्रम) रविंदर सिंह तथा विभिन्न राज्य विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।