पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित ग्रैंड बावर्ची में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक को संबोधित करते हुए तिवारी ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (ऑस्ट्रेलिया) के अध्यक्ष मनोज श्योराण और आईओसी पदाधिकारियों का दिल से धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि आज कार्य दिवस होने के बावजूद आप सभी बैठक में पहुंचे और आपकी उपस्थिति ने उन्हें यह अमूल्य अवसर दिया कि वे आपसे रूबरू होकर कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को साझा कर सकें। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया से अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए तिवारी ने कहा कि वह पहली बार वर्ष 1992 में ऑस्ट्रेलिया आए थे।
यह बात अब मानो एक पूरी जिंदगी पहले की लगती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हमेशा से ही सांस्कृतिक, क्रिकेट और सॉफ्ट पावर के मजबूत रिश्ते रहे हैं। दशकों से कई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर भारत के घर-घर में पहचाने जाते रहे हैं। तिवारी ने कहा कि अपनी पहली यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया में बहुत कम लोग भारत के बारे में जानते थे।
इसके बाद उन्हें कई बार ऑस्ट्रेलिया आने का अवसर मिला। वर्ष 2009-10 तक भारत से यहां आने वालों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई और फिर यह लगातार बढ़ती गई। उन्होंने बताया कि आज ऑस्ट्रेलियाई सरकार के कुछ अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि ऑस्ट्रेलिया में 10 लाख से अधिक भारतीय रह रहे हैं।
एक मिलियन लोग यहां काम कर रहे हैं और स्थायी रूप से बस चुके हैं। तिवारी ने यह भी कहा कि बहुत कम समय में भारतीयों का तेजी से आगमन हुआ है और वे ऑस्ट्रेलियाई समाज में अच्छी तरह घुल-मिल गए हैं तथा वहां की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया भारत से ढाई गुना बड़ा है, लेकिन इसकी आबादी भारत की केवल 1.97 प्रतिशत है। किसी भी समाज में जब बाहर से लोग आकर बसते हैं तो कुछ मूलभूत समस्याएं और चुनौतियां सामने आती हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी समाज को समृद्ध बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (ऑस्ट्रेलिया) के अध्यक्ष मनोज श्योराण ने तिवारी का स्वागत किया और बेहतरीन सत्र के लिए उनका धन्यवाद किया। बातचीत के दौरान तिवारी ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों के बीच पार्टी की पहुंच को मजबूत करने संबंधी आईओसी पदाधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की।
इस विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र विदेशों में बसे भारतीयों को एकजुट करना और कांग्रेस नेतृत्व तथा एनआरआई समर्थकों के बीच तालमेल मजबूत करना रहा। तिवारी ने जोर देते हुए, कहा कि विदेशों में रहने वाला भारतीय समाज भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं, अर्थव्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर वैश्विक स्तर पर राय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि वे भारतीय मूल के पेशेवरों, विद्यार्थियों और कारोबारी वर्ग के साथ सक्रिय रूप से जुड़ें तथा लोकतंत्र, संघीय ढांचे, बेरोजगारी और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी का दृष्टिकोण प्रस्तुत करें। इस चर्चा के दौरान इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने, सदस्यता अभियान बढ़ाने तथा सोशल मीडिया और वर्चुअल इंटरैक्शन के माध्यम से डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
बातचीत के दौरान पंजाबी और व्यापक भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़ी चिंताएं भी प्रमुख रूप से सामने आईं। तिवारी ने विदेशी नेताओं को भारत में जमीनी स्तर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और वैश्विक भारतीय समुदायों के दृष्टिकोण साझा कर नीतिगत सुझाव देने के लिए प्रेरित किया।
बैठक के दौरान तिवारी के साथ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान, रूप शर्मा, गुरदीप सिंह वालिया और हर्ष वालिया भी मौजूद थे। इस सत्र में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (ऑस्ट्रेलिया) के अध्यक्ष मनोज श्योराण, इंडियन ओवरसीज यूथ कांग्रेस (ऑस्ट्रेलिया) के अध्यक्ष गुरजिंदर सिंह गैवी, आईओसी पंजाब कोऑर्डिनेटर प्रीत बल, दीपक राज गुप्ता, अब्बास अलवी और हरिंदर सिंह भट्टी सहित पूरी आईओसी टीम ने भाग लिया।
बैठक का समापन इंडियन ओवरसीज यूथ कांग्रेस (ऑस्ट्रेलिया) के अध्यक्ष गुरजिंदर सिंह गैवी द्वारा सभी उपस्थित मेहमानों का धन्यवाद करने के साथ हुआ।