24 अप्रैल की रात 8:00 बजे से 8:15 बजे तक संगरूर शहर में आयोजित होने वाली पहली सिविल डिफेंस एयर रेड एवं ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के मद्देनज़र, संगरूर के डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने आज यहां सेना, पुलिस, होम गार्ड्स, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक व्यापक बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास पूरी तरह एक मॉक ड्रिल है, जिसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र का आकलन करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की घबराहट न करें तथा अफवाहों से दूर रहें।
राहुल चाबा ने सभी विभागों को पूर्ण रूप से तैयार रहने तथा ड्रिल के दौरान प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, विशेषकर हवाई हमले और ब्लैकआउट जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए। उन्होंने बताया कि संगरूर शहर में सिविल अस्पताल को छोड़कर बिजली आपूर्ति रात 8:00 बजे से केवल 15 मिनट के लिए बंद की जाएगी, जबकि मुख्य मॉक ड्रिल गतिविधियां स्थानीय सेना क्षेत्र में आयोजित की जाएंगी।
ऐसी पहल की महत्ता को रेखांकित करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस प्रकार की मॉक ड्रिल वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी। यह पहली ड्रिल होगी जिसमें पुलिस, सेना, अग्निशमन, स्वास्थ्य, बिजली तथा सिविल डिफेंस सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी होगी।
डिप्टी कमिश्नर ने नागरिकों से अपील की कि वे ब्लैकआउट के दौरान जारी सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।
एसएसपी सरताज सिंह चहल की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए डीएसपी कर्नैल सिंह ने संगरूर पुलिस द्वारा आम जनता के लिए जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लैकआउट के दौरान प्रकाश अनुशासन का पालन करते हुए खिड़कियों को मोटे परदों या कार्डबोर्ड से ढका जाए ताकि रोशनी बाहर न जाए और सभी बाहरी लाइटें बंद रखी जाएं।
निवासियों को यह भी सलाह दी गई कि वे घरों या गैरेज जैसे बंद स्थानों में पोर्टेबल जनरेटर का उपयोग न करें, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा, ऑटोमैटिक लाइट वाले बाहरी सीसीटीवी कैमरों को बंद या ढक कर रखना चाहिए।
जन आवागमन के संबंध में नागरिकों को घर के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि ब्लैकआउट के दौरान कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। वाहन चालकों को ब्लैकआउट के दौरान हेडलाइट्स बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, लेकिन यदि किसी आवश्यक कारणवश बाहर जाना पड़े तो अपने पहचान पत्र साथ रखें और गश्त व नाका ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के साथ पूरा सहयोग करें। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112 या 100 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं, जबकि बिजली संबंधी जानकारी के लिए बिजली विभाग की हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में स्थानीय सेना के अधिकारी, सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता वरिंदर दीपक, होम गार्ड अधिकारी अमरिंदर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।