आज सुबह 11 बजे भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा रक्त चढ़ाने से जुड़ी सेवाओं की एक राष्ट्रीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. राकेश गुप्ता, अतिरिक्त सचिव (सार्वजनिक स्वास्थ्य) और महानिदेशक, नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) ने की।
इस बैठक में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चंडीगढ़ से भी वरिष्ठ अधिकारियों ने इसमें भाग लिया। बैठक में रक्त सेवाओं के 5 मुख्य चरणों की समीक्षा की गई, जैसे—लाइसेंस देना और नवीनीकरण, रक्तदान करने वालों की जांच और रक्त संग्रह, संक्रमण (TTI) की जांच, रक्त का प्रोसेसिंग और स्टोरेज, तथा रिकॉर्ड रखना।
इन सभी को 10 मुख्य मानकों (KPI) के आधार पर परखा गया। इसके लिए eRaktKosh, CDSCO, ब्लड बैंक मैनेजमेंट सिस्टम (BBMS) और अन्य रिकॉर्ड्स के डेटा का उपयोग किया गया। डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि देश का लक्ष्य है कि हर जिले में सुरक्षित खून उपलब्ध हो और खून चढ़ाने से होने वाले संक्रमण (TTI) बिल्कुल खत्म हों।
उन्होंने यह भी बताया कि दिसंबर 2026 तक हर जिले में कम से कम एक ब्लड बैंक होना चाहिए। बैठक में बताया गया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर जिला स्तर पर ब्लड सेंटर बढ़ाने और सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर को eRaktKosh से जोड़ने का काम चल रहा है।
चंडीगढ़ के बारे में बताया गया कि यहां हर जिले में कम से कम एक ब्लड सेंटर उपलब्ध है। साथ ही, यहां अधिकतर रक्तदान स्वेच्छा से किया जाता है और जांच की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। आगे के लिए यह तय किया गया कि ब्लड सेंटरों में काम करने के नियमों (SOPs) को सही तरीके से लागू किया जाए, आधुनिक टेस्ट (जैसे ELISA/CLIA) अपनाए जाएं, ब्लड कंपोनेंट अलग करने की सुविधा बढ़ाई जाए और eRaktKosh व BBMS के जरिए डिजिटल ट्रैकिंग को मजबूत किया जाए।
इसके अलावा, ब्लड डोनर्स की पहचान के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम और हर ब्लड सेंटर का डिजिटल रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा। इस काम में राज्य ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल, रेड क्रॉस सोसायटी और अन्य संस्थाएं मिलकर काम करेंगी। बैठक के अंत में डॉ. गुप्ता ने निर्देश दिए कि सभी ब्लड सेंटरों के लाइसेंस की जांच की जाए, eRaktKosh और BBMS का 100% उपयोग सुनिश्चित किया जाए, नियमों का सख्ती से पालन हो, कर्मचारियों को सही प्रशिक्षण दिया जाए और सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
चंडीगढ़ प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि वह भारत सरकार के साथ मिलकर हर नागरिक को समय पर और सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।