Saturday, 06 June 2026

 

 

खास खबरें केवल सिंह ढिल्लों ने नितिन नवीन से की मुलाकात : महाराजा रणजीत सिंह की सोच के साथ भाजपा शुरू करेगी ‘मिशन पंजाब 2027’ अनिंदिता मित्रा द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) संबंधी आई.टी. मॉड्यूलों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित अमन अरोड़ा द्वारा एयर फोर्स अकादमी और एनडीए मेरिट सूची में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाली माई भागो प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट की महिला कैडेटों का सम्मान देश की कुल ग्रीन एनर्जी का पांचवां हिस्सा गुजरात से आता है : नरेंद्र मोदी हरपाल सिंह चीमा द्वारा पी.एस.टी.सी. की समीक्षा बैठक मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा नामांकन दाखिल किया, राहुल गांधी और डीके शिवकुमार रहे मौजूद भगवंत मान सरकार द्वारा सख्त समय-सीमा और जवाबदेही के साथ 'रंगला पंजाब विकास स्कीम' में तेजी : हरपाल सिंह चीमा खराब रौशनी की स्थिति में लाल की जगह गुलाबी गेंद के प्रयोग की मंजूरी आईसीसी का सकारात्मक कदम : गौतम गंभीर लोक मिलनी के दौरान जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करवाया कोई टोंटी चोरी कर रहा, कोई पानी बहा रहा, ऐसे लोगों को टोकें : सीएम योगी आदित्यनाथ पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जीवनशैली का हिस्साः सुखविन्द्र सिंह सुक्खू अमित शाह ने त्रिपुरा बॉर्डर का दौरा किया, स्मार्ट बॉर्डर विजन का अनावरण किया विश्व पर्यावरण दिवस : सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, '18 नमो ऑक्सीजन पार्कों के लिए पौधरोपण अभियान शुरू' हमारी जीवन शैली बिना प्रकृति के अधूरी : सीएम मोहन यादव भोजन-सुरक्षित भविष्य का निर्माण : नीति और भोजन का सुमेल विश्व पर्यावरण दिवस पर राहुल गांधी ने उठाए ग्रेट निकोबार परियोजना पर सवाल, बोले- विकास जरूरी, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं 54 एलपीयू स्टूडेंट्स ने भारती एयरटेल स्कॉलरशिप में ₹5 करोड़+ हासिल किए साथ ही वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर 180 पौधे लगाने की मुहिम चलाई राज्य सरकार और यूएनडीपी के मध्य परिपत्र अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चिनार वृक्षारोपण अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ किया भारत की विकास रफ्तार तेज, यात्री वाहन बिक्री में जोरदार उछाल : पीयूष गोयल सीमा पार संचालित हथियार, नशा और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़

 

आनंद बक्शी : रोजमर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं को गीतों में बदलने वाले गीतकार, शब्दों में ढाला जिंदगी का दर्द और प्यार

Bollywood, Music, Anand Bakshi, Mumbai
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

मुंबई , 30 Mar 2026

Last updated on: Mar 30, 2026, 14:44 IST

सिनेमा जगत में ऐसे कई सितारे हुए जो आज भले ही इस दुनिया में न हों मगर उनके काम आज भी प्रशंसकों के दिलों में जिंदा हैं और हमेशा रहेंगे। ऐसे ही कलाकार थे आनंद बक्शी "कुछ तो लोग कहेंगे…” जैसे अमर गीतों के रचयिता, गीतकार आनंद बक्शी की आज पुण्यतिथि है। अपने हजारों गीतों के जरिए लोगों के दिलों में जीवित हैं।

आनंद बक्शी का जन्म 21 जुलाई 1930 को रावलपिंडी (अब पाकिस्तान) में हुआ था। बंटवारे के समय वह सिर्फ 17 साल के थे। अपनी जन्मभूमि छूट जाने का दर्द उन्होंने जीवन भर महसूस किया। वर्षों बाद उन्होंने ‘रावलपिंडी’ नाम की एक नज्म लिखी, जो उनकी भावनाओं को बयान करती है। फौज में नौकरी करने के बाद आनंद बक्शी मुंबई आए।

यहां उन्होंने संघर्ष की शुरुआत की। बतौर गायक काम करने का सपना था, लेकिन किस्मत ने उन्हें गीतकार बना दिया। साल 1962 में फिल्म ‘मेहंदी लगी मेरे हाथ’ से उन्हें पहली बड़ी सफलता मिली। 1965 उनका सबसे यादगार साल रहा, जब ‘जब जब फूल खिले’, ‘हिमालय की गोद में’ और ‘चांद सी महबूबा’ जैसे सुपरहिट गाने आए। 1967 में फिल्म ‘मिलन’ के गाने “हम तुम युग युग से…” आज भी लोकप्रिय हैं।

आनंद बक्शी की खासियत थी कि वह रोजमर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं को गीतों में बदल देते थे। एक बार ट्रक के पीछे लिखे “मेरे हमसफर” को देखकर उन्होंने “मेरे हमसफर” गाना लिखा। एक बार वॉशबेसिन पर हाथ धोते हुए सुभाष घई की फिल्म ‘सौदागर’ के लिए गाना लिख डाला। ‘मेरा गांव मेरा देश’ में “मार दिया जाए, छोड़ दिया जाए…” वाली लाइन उन्होंने राजा पोरस और सिकंदर की कहानी से प्रेरित होकर लिखी। 

‘अच्छा तो हम चलते हैं’ गाने की पूरी कहानी भी बेहद दिलचस्प है। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ जब गाना नहीं बन पा रहा था, तभी यह आइडिया आया। आनंद बक्शी ने संगीतकारों की कई पीढ़ियों के साथ काम किया, एस.डी. बर्मन, आर.डी. बर्मन, चित्रगुप्त, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, कल्याणजी-आनंदजी, राजेश रोशन, अनु मलिक और विजू शाह तक।

‘रूप तेरा मस्ताना’, ‘आदमी मुसाफिर है’, ‘एक दूजे के लिए’ जैसे सैकड़ों गीत उन्होंने लिखे। वे खुद भी कुछ गाने गा चुके थे, जैसे ‘बालिका वधू’ का “जगत मुसाफिर खाना…।” उनके बेटे राकेश बख्शी बताते कि पिता के रूप में वे बहुत प्यारे थे। रात को देर से आने पर भी बच्चों को थपथपा कर देखते थे। खाने की बर्बादी न करने की सीख उन्होंने बच्चों को मां के त्याग की कहानी सुनाकर दी। आनंद बक्शी फिल्मफेयर पुरस्कार समेत कई सम्मानों से नवाजे गए। उन्होंने गीतों के जरिए प्यार, दर्द, खुशी और जिंदगी का पूरा दर्शन दिया।

 

Tags: Bollywood , Music , Anand Bakshi , Mumbai

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD