पंजाब और हरियाणा सिर्फ पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि दोनों को संस्कृति, इतिहास और खून के रिश्ते जोड़ते हैं। जब पंजाब पर प्राकृतिक आपदा आई, तब हरियाणा के लोग दिल खोलकर मदद के लिए आगे आए, लेकिन उस समय पंजाब की आप सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहीं नजर नहीं आए। *यह कहना था हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का*, जो 40 मुक्तों की पावन धरती श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी पंजाब द्वारा आयोजित पहली कॉन्फ्रेंस के दौरान रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आप सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चार साल बीत जाने के बावजूद पंजाब के किसान आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके विपरीत, हरियाणा में भाजपा की डबल इंजन सरकार किसानों को एमएसपी पर फसल खरीद, समय पर भुगतान, फसल नुकसान का मुआवजा, स्वास्थ्य योजनाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ दे रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री *नायब सिंह सैनी ने कहा* कि सिख इतिहास शौर्य, बलिदान और सत्य के मार्ग का प्रतीक है। उन्होंने 40 मुक्तों की अद्वितीय शहादत को नमन करते हुए कहा कि भाई महा सिंह और माई भागो जी के नेतृत्व में मुक्तों ने दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चरणों में अपने प्राण न्यौछावर कर सच्ची मुक्ति प्राप्त की।
*भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग* ने अपने संबोधन में 40 मुक्तों की शहादत को नमन करते हुए श्री मुक्तसर साहिब की पवित्र धरती से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहादत, त्याग और गुरु साहिबानों के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
आज पंजाब में सिख मर्यादाओं और गुरु परंपराओं के खिलाफ सोची-समझी मुहिम चलाई जा रही है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि गुरु रहित मर्यादा और गुरुद्वारों के मामलों में लगातार विवादित बयान और कदम उठाए जा रहे हैं।
1984 के सिख नरसंहार का हवाला देते हुए *तरुण चुग* ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक दोषियों को बचाया, लेकिन 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मामले फिर से खोले गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा पंजाबी नेताओं से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण भी मांगा। भाजपा नेता ने लोगों से अपील की कि गुरु घरों और पंजाबियत के सम्मान के लिए एकजुट होकर भाजपा का साथ दें और “गुरुओं का अपमान करने वाली ताकतों” को सत्ता से बाहर करें।
*पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़* ने माघी के पावन पर्व पर पहली बार श्री मुक्तसर साहिब में आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस के दौरान 40 मुक्तों की महान शहादत को नमन करते हुए कहा कि पार्टी गुरु साहिबानों के आशीर्वाद से पंजाब की बेहतरी के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझती है और मौजूदा मुश्किल दौर से राज्य को बाहर निकालने की क्षमता केवल भाजपा के पास है।
*सुनील जाखड़* ने कहा कि आज पंजाब नशों, भ्रष्टाचार, गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि सामाजिक सद्भाव मजबूत करने और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए भाजपा जैसी मजबूत और सक्षम सरकार की जरूरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत सहित कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए, जिनके बारे में पिछली सरकारों ने कभी सोचा भी नहीं था। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल द्वारा 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने को “गलती” कहे जाने वाले बयान की कड़ी निंदा की। जाखड़ ने कहा कि यदि कांग्रेस किसी एससी समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना गलती मानती है, तो यह उसकी विभाजनकारी सोच को दर्शाता है, जिसे पंजाब कभी स्वीकार नहीं करेगा।
*सुनील जाखड़* ने आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान भ्रष्टाचार चरम पर है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि इन हालात से पंजाब को केवल भाजपा ही बाहर निकाल सकती है।
*पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने* शहीदों की धरती श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले के अवसर पर आयोजित भाजपा की राजनीतिक कॉन्फ्रेंस के दौरान रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह धरती हमें अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब का माहौल चिंताजनक है और राज्य में कानून का राज लगभग समाप्त हो चुका है।
शर्मा ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखे हमले करते हुए कहा कि “रंगला पंजाब” के वादे से बनी सरकार ने पंजाब को कंगाल बना दिया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हर रोज गोलीबारी, हत्याएं और अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। जो सरकार अपने सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह आम लोगों को कैसे सुरक्षित रखेगी।
वल्टोआ गांव का हवाला देते हुए *अश्वनी शर्मा ने कहा* कि वहां सरपंच की हत्या के बाद पूरा गांव दहशत में है और लोगों को गांव छोड़ने या फिरौती के डर का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में लोग खुद कह रहे हैं कि अब उन्हें सख्त कानून वाला शासन चाहिए।
मनरेगा, गरीब कल्याण योजनाओं और किसानों के मुद्दे पर भी उन्होंने आप सरकार को घेरा। *अश्वनी शर्मा ने कहा* कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए फंड गरीबों तक नहीं पहुंचे और किसानों से एमएसपी के वादे अधूरे रहे। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में भाजपा सरकार 24 फसलों पर एमएसपी दे रही है। पंजाब में कानून का राज, नशा मुक्ति और विकास केवल भाजपा ही ला सकती है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर “सोहणा पंजाब” बनाने का आह्वान किया।
*केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने* आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अकाली दल पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों—चाहे कांग्रेस हो या अकाली—के दौरान बेअदबी करने वालों, लूटपाट और नशे का कारोबार करने वालों को कभी सजा नहीं मिली, और आज आम आदमी पार्टी भी उसी राह पर चल रही है।
बिट्टू ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने सरकारी बसों और संसाधनों का दुरुपयोग कर रैलियों में भीड़ जुटाई। पूरे राज्य से लगभग 6 हजार कर्मचारियों को सुरक्षा में लगाया गया और हर बस की कड़ी निगरानी की गई, जो सरकारी तंत्र के गलत इस्तेमाल को दर्शाता है।
दिल्ली विधानसभा में गुरु साहिबानों के बारे में की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए *केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने* कहा कि यह सिख धर्म और पंजाबियों की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और यह स्पष्ट करने की मांग की कि गुरु साहिबानों पर की गई टिप्पणियों से उनका कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पैसा विदेशों में जमा कराया जा रहा है और जांच एजेंसियों के सामने सही हिसाब नहीं दिया गया। बिट्टू ने कहा कि देश और पंजाब की तरक्की के लिए “डबल इंजन” सरकार जरूरी है और लोगों से भाजपा के पक्ष में एकजुट होकर वोट देने की अपील की।
*पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल प्रदेश से सांसद अनुराग ठाकुर ने* संबोधन में 40 मुक्तों की शहादत को नमन किया और कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के नेतृत्व में इन वीर शहीदों ने धर्म, पंथ और देश की रक्षा के लिए अद्वितीय बलिदान दिया। उन्होंने माई भागो जी और माता भाग कौर को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
*अनुराग ठाकुर* ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री द्वारा गुरु साहिबानों पर की गई टिप्पणी की निंदा की और कहा कि ऐसी बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने भगवंत मान से स्पष्टीकरण और माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब को फिर से तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए लोगों को एकजुट होकर भाजपा को मजबूत करना होगा।
*इस मौके पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने* पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि श्री मुक्तसर साहिब की पवित्र धरती वह धरती है जहां गुरु साहिबानों ने अत्याचार को सीधी चुनौती दी थी, लेकिन आज पंजाब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजाना हत्याएं, लूटपाट और अपराध बढ़ रहे हैं, जबकि शांति और कानून-व्यवस्था किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
लालपुरा ने दावा किया कि पंजाब में लैंड माफिया और रेत माफिया बेलगाम हो चुके हैं। चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए वादों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने और लोगों को आर्थिक राहत देने के दावे जमीनी स्तर पर विफल रहे हैं और पंजाब पर कर्ज बढ़ता जा रहा है।
पंजाब को अब नई सोच और मजबूत नीति की जरूरत है। सिख समाज के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों का हवाला देते हुए लालपुरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तेजी से प्रगति की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गुरु साहिबानों के दिखाए मार्ग पर चलकर पंजाब को देश की तरक्की से जोड़ा जाए और भाजपा को अवसर दिया जाए।
इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, प्रदेश संगठन मंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु, दयाल सिंह सोढ़ी, अनिल सरिन, राकेश राठौर, परमिंदर सिंह बराड़ (सभी प्रदेश महासचिव), पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, पूर्व केंद्रीय मंत्री महारानी प्रनीत कौर, पूर्व मंत्री राणा सोढ़ी, पूर्व मंत्री तिक्षण सूद, पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व विधायक अरविंद खन्ना, सरबदीप सिंह विरक (पूर्व डीजीपी पंजाब), एस.पी.एस. गिल (पूर्व डीजीपी, जम्मू-कश्मीर), अमनजोत कौर रामूवालिया (भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य), प्रदेश सचिव सूरज भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में भाजपा के प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेता उपस्थित थे।