बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक हमेशा संगीत के साथ-साथ अपनी बेबाक राय के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में वह रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का हिस्सा बने, जहां उन्होंने बिना किसी झिझक अपने विचार, भावनाएं और जिंदगी के कई अनकहे पहलू सामने रखे। शो के दौरान अमाल कई बार भावुक भी दिखे, तो कई बार उनके गुस्से और स्पष्ट बोलने की आदत ने भी सुर्खियां बटोरीं।
अब शो से बाहर आने के बाद अमाल मलिक ने आईएएनएस से खास बातचीत में अपने विवादों और परिवार की प्रतिक्रियाओं को लेकर विचार साझा किए। आईएएनएस को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अमाल मलिक ने बताया कि उनके जीवन में जो भी विवाद हुए, उनका असर उन पर कम और उनके परिवार पर ज्यादा पड़ा। उन्होंने कहा, ''समय के साथ मैंने यह समझ लिया कि हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं होता।
पहले मैं सोशल मीडिया पर तुरंत प्रतिक्रिया देता था, लेकिन अब मैंने खुद को थोड़ा पीछे रखना सीख लिया है। लोग अब खुद सच्चाई देख और समझ सकते हैं। 'बिग बॉस' में जो कुछ भी मैंने दिखाया, वही मेरी असली पर्सनालिटी थी। मैंने शो में किसी तरह का दिखावा नहीं किया।'' अमाल ने कहा, ''मेरे माता-पिता मुझसे बहुत खुश हैं। शो खत्म होने के बाद से मैं उनके साथ ही हूं।
उन्होंने प्यार से कुछ बातों को लेकर मुझे समझाया है, जैसे मुझे अपना गुस्सा थोड़ा कंट्रोल करना चाहिए। पर ऐसा नहीं है कि उन्हें मुझ पर गर्व नहीं है। उन्हें मुझ पर नाज है। मैंने जो महसूस किया, उन्होंने भी वही महसूस किया।'' शो में इमोशनल पलों के बारे में बात करते हुए अमाल मलिक ने कहा, "बिग बॉस 19' के दौरान मेरे लिए सबसे भावुक पल तब आया जब भाई और पापा शो में मिलने आए थे।
उन पलों में मैं खुद को रोक नहीं पाया और इमोशनल हो गया। शो में मैंने अपनी मां के संघर्ष की कहानियों को देश के सामने रखा। मैं अपनी जिंदगी की सच्चाई छुपाने में विश्वास नहीं रखता और अगर कोई मुझसे मेरी यात्रा के बारे में पूछता है, तो मैं ईमानदारी से जवाब देता हूं।" इंटरव्यू में अमाल मलिक ने कहा, ''आजकल कई लोग अपनी इमेज और सोशल मीडिया फॉलोअर्स को लेकर बहुत सोचते हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करता।
मेरे लिए सच्चाई सबसे ऊपर है। अगर मैं अपनी कहानी सुना रहा हूं, तो उसे अधूरा नहीं छोड़ता। मेरे माता-पिता को लगा कि कुछ बातें मैं थोड़ा अलग ढंग से कह सकता था, लेकिन मेरा मानना है कि हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है। बिग बॉस के घर में मेरे माता-पिता नहीं थे, इसलिए उनकी सोच अलग होना स्वाभाविक है। मैंने जो भी कहा, पूरे दिल से कहा।''