हरियाणा सरकार ने महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के सबसे वंचित वर्ग के उत्थान के लिए अनेक कदम उठाए हैं। महर्षि वाल्मीकि ऐसे ही त्रिकालदर्शी ऋषि थे, जिन्होंने अपने तप और ज्ञान से अंधकार में प्रकाश फैलाया। उन्होंने कहा कि रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन है।प्रदेष सरकार महर्षि वाल्मीकि जी, संत कबीर दास जी, संत रविदास जी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी जैसे महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तर पर जयंती समारोह धूमधाम से मना रही है।
हरियाणा के विकास, पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पानीपत में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल आदि कवि थे, बल्कि उन्होंने भारत की आत्मा को शब्दों में पिरोया। रामायण जैसे कालजयी महाकाव्य के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने मानवता, करुणा और समरसता का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
श्री पंवार ने कहा कि हम ऐसे गुरुओं के वंशज हैं जिनसे हमें प्रेरणा मिली है और आगे बढऩे का मार्ग मिला है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वो बच्चों को शिक्षित करें क्योंकि देश शिक्षा से ही आगे बढ़ेगा पहचान बढ़ेगी, समाज बढ़ेगा।सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने सोनीपत में आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह में उपस्थित लोगों को जयंती की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि आज का यह अवसर केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेरणा का दिन है। जब-जब मानवता भटकती है, तब-तब कोई महापुरुष मार्गदर्शन के लिए अवतरित होता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर करोड़ों भारतीयों की आस्था को साकार किया है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि जब संकल्प दृढ़ हो तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। राम मंदिर केवल स्थापत्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन सिखाता है कि व्यक्ति चाहे किसी भी परिस्थिति में क्यों न हो, सही दिशा और सत्कर्मों से वह अपने जीवन को बदल सकता है।
हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा ने हिसार में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी ने मानव समाज को भगवान श्रीराम की दिव्य कथा का अमूल्य उपहार दिया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी वेदों के ज्ञाता, ब्रह्म ज्ञानी तथा मानवता में करुणा, दया और समानता के प्रतीक थे। उनके आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ना ही महर्षि वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। इसी प्रकार अनुसूचित जातियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार ने आरक्षण का दो वर्गों, जिनमें वंचित अनुसूचित जाति और अन्य अनुसूचित जाति में वर्गीकरण किया है। सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों के 20 प्रतिशत आरक्षण में से 10 प्रतिशत कोटा वंचित वर्गों को दिया गया है। इसके अलावा, प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में भी 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने पंचकूला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि जयंती की बधाई एवं शुभकानाएं देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज को सत्य, मर्यादा और मानवता का ऐसा संदेश दिया, जो आज भी हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि ज्ञान, साधना और सेवा के बल पर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है। वे केवल एक कवि नहीं, बल्कि समानता और सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में भी उसी भावना को आगे बढ़ा रही हैं। महर्षि वाल्मीकि जी ने कहा था कि “स्वच्छता ही ईष्वर की निकटता का मार्ग है। इसी विचार को अपनाते हुए हम “स्वस्थ हरियाणा - स्वच्छ हरियाणा” के मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके तहत हर नागरिक को स्वच्छ वातावरण, बेहतर अस्पताल और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाने का कार्य लगातार जारी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। सफाई कर्मी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये और सीवरेज की सफाई के दौरान मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जब सोच साकारात्मक हो, कर्म सच्चे हों और उद्देश्य सेवा का हो तो सफलता अवश्य मिलती है।