हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन परंपरांओं का निर्वहन करते हुए सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी को पाश्चातय संस्कृति के स्थान पर सनातन संस्कृति को अपनाना चाहिए। नशे से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए और विश्व शांति की कामना करते हुए देश-प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए।
श्री गौरव गौतम रविवार को पलवल में आयोजित सनातन संस्कृति पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हम सबके सामने विकसित और आत्मनिर्भर भारत का मानचित्र रखा है। इसमें नागरिक कर्तव्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। देश और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए हमें अपने अधिकारों की चिंता कम और नागरिक कर्तव्यों के विषय में ज्यादा चिंतन करना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति सुरक्षित एवं समृद्धि के पथ पर अग्रसर रहेगी तो विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए, इसके वैज्ञानिक और तार्किक आधारों को समझाना चाहिए, जिसमें प्रकृति के प्रति सम्मान, जीवन जीने की पद्धति और विभिन्न मूल्यों पर जोर दिया गया हो। उन्होंने कहा कि युवाओं को हिन्दू धर्म के बारे में बताने की जरूरत है, जिससे युवा हिन्दू धर्म की महानता के बारे में तो जानेंगे ही साथ वे किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। युवाओं को गीता, रामायण, वेद एवं पुराण आदि के बारे में समझाने की जरूरत है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अनुशासन, मेहनत और समर्पण के रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खेलों का पावर हाउस बन चुका है। प्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट खिलाडिय़ों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021 बनाए हैं। खिलाडिय़ों के लिए क्लास-वन से क्लास-फोर तक के पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने ने युवाओं को नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है, जो इंसान को ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देती है।