रामलीला महोत्सव के दौरान रविवार की रात बाली-सुग्रीव युद्ध प्रसंग का मंचन किया गया। रामलीला के कलाकारों ने अपने अभिनय कौशल से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला का शुभारंभ नरसिंह अवतार की झांकी निकली गई। श्री रामलीला ड्रामाटिक क्लब के प्रधान शिवचरण पिंकी, उपप्रधान वरिंदर भामा एवं निर्देशक परवीन करवल, युगेश कपिल, पंकज चड्डा ने सयुंक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि आज के दृश्य में सुग्रीव उन्हें बताते हैं कि बाली उनका बड़ा भाई है और उनकी पत्नी को बलपूर्वक छीनकर ले गया है।
भगवान श्रीराम उसके बाद सुग्रीव को बाली से युद्ध करने के लिए भेजते हैं। दोनों भाइयों के बीच घमासान युद्ध होता है, लेकिन बाली के नहीं हारने पर सुग्रीव पुन: भगवान राम की शरण में जाता है, तब भगवान राम अपने गले की माला उतारकर उसे पहना देते हैं और पुन: बाली से युद्ध करने के लिए भेजते हैं। भगवान राम एक पेड़ की आड़ में खड़े होकर युद्ध देखते हैं और बाली को बाण मार देते हैं, जिससे वह धराशाई हो जाता है।
आज कि लीला को दर्शकों ने बहुत पसंद किया। उन्होंने बताया कि महाबली बाली की भुमका निर्भय शर्मा, सुग्रीव की विशेष साहनी, भगवान श्री राम की युगेश कपिल, लक्ष्मण की नीरज करवल, हनुमान सतीश राणा, तारा राकेश सेठी ने निभाई।