मंगलवार को इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने प्रेस वार्ता कर कहा कि 25 सितंबर को चौ. देवीलाल का जन्मदिवस है और इस उपलक्ष में रोहतक में सम्मान दिवस रैली की आयोजन किया जाएगा। सभी प्रेस के साथियों को रैली में आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग इस एक साल में भाजपा शासन से ऊब चुके हैं।
खासकर युवा वर्ग बेरोजगारी और बीजेपी सरकार के गलत फैसलों से बेहद परेशान और मायूस है। वहीं मुख्य विपक्ष पूरी तरह से खत्म हो चुका है। जब वे सम्मान दिवस रैली का निमंत्रण देने लोगों के बीच में गए तब युवाओं ने दो महत्वपूर्ण बातें उन्हें बताई। पहली यह कि जजपा के साथ साथ कांग्रेस ने भी उनके साथ धोखा किया है।
2019 में भाजपा 40 पर आ गई थी। 10 लोग जो चौधरी देवीलाल का नाम लेकर जीत कर आए वो चुनाव से पहले भाजपा को यमुना पार करने की बात करते थे। लेकिन चुनाव के बाद उन्होंने धोखा किया और भाजपा के साथ सरकार में मिल गए और बड़े बड़े घोटाले किए। इस बार उनको तो लोगों ने पूरी तरह से खत्म कर दिया। उन सबकी जमानत जब्त हुई।
दूसरी बात लोगों ने बताई कि इस बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उसके बेटे ने भाजपा का साथ देकर उनके साथ धोखा किया। भाजपा ने हुड्डा पर ईडी की रेड़ करवाई। हुड्डा राज में एक रामप्रस्था नाम का बिल्डर खड़ा हुआ था जब ईडी ने उस पर रेड की तब उसके साथ हुड्डा परिवार के संबंधों का पता चला। ईडी ने पर्चा दर्ज किया लेकिन भूपेंद्र हुड्डा को गिरफ्तार नहीं किया।
गिरफ्तार न करने की एवज में हुड्डा को भाजपा ने कहा कि कांग्रेस के सभी मौजूदा विधायकों को टिकट दी जाए। जैसा बीजेपी ने कहा वैसे ही हुड्डा ने किया। जिसके कारण 30 में से 16 कांग्रेसी विधायक हार गए और बीजेपी के जीत गए। कांग्रेस में कई जीतने वाले दावेदार थे लेकिन उनकी टिकट काटी गई और कमजोर लोगों को टिकट दी गई।
उन्होंने बाकायदा नाम गिनाते हुए कहा कि अंबाला कैंट से चित्रा सरवारा, बवानीखेड़ा से रामकिशन फौजी, बल्लभगढ़ से शारदा राठौर की टिकट काट कर ऐसे लोगों को टिकट दी गई जिनको लोग जानते भी नहीं थे। उचाना में हुड्डा ने जानबूझकर उनके नजदीकी कांग्रेस के ही तीन लोगों को आजाद चुनाव लड़वाया और बृजेंद्र सिंह को हरवाया।
राई से बीजेपी की उम्मीदवार कृष्णा गहलोत तो खुलकर कहती थी कि हुड्डा बाबू बेटा उसके खिलाफ वोट नहीं मांग सकते। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह बात मानी है कि भूपेंद्र हुड्डा ने उनकी मदद की है। भूपेंद्र हुड्डा की बीजेपी के साथ मिलीभगत का एक और बड़ा उदाहरण देते हुए कहा कि जब राहुल गांधी की सदस्यता रद्द हुई थी तब उनसे 7 दिन के अंदर सरकारी आवास से लिया गया था लेकिन हुड्डा के पास अभी भी सरकारी कोठी है जबकि वो नेता प्रतिपक्ष नहीं है।
सरकार पर उनका एहसान है इसलिए सरकार उनसे कोठी खाली नहीं करवा रही। आज प्रदेश का बच्चा-बच्चा यह कहता है कि हुड्डा बाबू बेटा बीजेपी से मिले हुए हैं। भूपेंद्र हुड्डा मेरे सामने आकर बोल कर दिखा दें कि उन्होंने भाजपा की मदद नहीं की।
जान से मारने की धमकी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मुझे जब फोन पर धमकी मिली थी तब हमने उसकी शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन मुझे आजतक इसके बारे में पुलिस की ओर से कुछ नहीं बताया गया। मैंने रिमाइंडर भेजा है अगर ये कोई कार्रवाई नहीं करेंगे तो कानूनी रास्ता अपनाऊंगा।
बीजेपी सरकार ने कहा कि आपकी सुरक्षा बढ़ा देते हैं लेकिन मैंने कहा कि सुरक्षा बढ़ाना समाधान नहीं है अपराधियों पर नकेल कसनी होगी। विधानसभा में कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि पिछले 11 साल में जनसंख्या बढ़ी है जिससे अपराध बढ़े हैं।
मैं पूछता हूं कि जो बच्चा 11 साल पहले जन्मा है क्या वो 11 साल का बच्चा भी अपराध करने लग गया। जब मैं सीएम बन गया तब आप देखना कि अपराध कैसे खत्म होते हैं। हमारा प्रदेश चारों तरफ से दिल्ली से जुड़ा है। लगातार बढ़ रहे अपराध और लचर कानून व्यवस्था के कारण हरियाणा की तरक्की नहीं हो रही।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को 20 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दे रही है हरियाणा सरकार 15 हजार दे रही है जो ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है। मुआवजा कम से कम 50 हजार रुपए प्रति एकड़ होना चाहिए।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर पूछे गए सवाल पर कहा कि वे उनसे मिले थे और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा था लेकिन कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई। जीएसटी कम करने के सवाल का जवाब देते हुए अभय चौटाला ने कहा कि जो पहले लूटा था वो पैसा वापिस कर दें?
बीजेपी के नेता जीएसटी घटाने पर लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। अधिक जीएसटी दर लगाई भी तो बीजेपी ने थी। पिछले दिनों असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट निकली एचपीएससी ने हरियाणा और मेवात को अलग अलग लिखा। जिन्होंने हरियाणा लिखा उनकी जॉइनिंग हो गईं। जिन्होंने मेवात लिखा उनकी सिलेक्शन ही नहीं की गई।
लोगों की समस्याओं का निवारण करने के लिए सेवक नाम से ऐप बनाया-
प्रेस वार्ता के दौरान चौ. अभय सिंह चौटाला ने सेवक नाम से एक मोबाइल एप भी डिस्पले किया। यह ऐप अधिकारिक तौर पर 25 सितंबर को जारी होगा। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से लोग सीधा उनसे जुड़े सकेंगे। इस ऐप पर लोग अपनी समस्याओं के बारे में बताएंगे और हम उस व्यक्ति की समस्या का समाधान करवाएंगे। हमारी ओर से एप तैयार है एप का नाम सेवक।
लोगों की शिकायतें मेरे और मेरी टीम की पास आएंगी फिर हम इसे सरकार के पास भेजेंगे। हर 15 दिन में जो शिकायतें आएंगी उनको मीडिया में भी उजागर किया जाएगा। बीजेपी सरकार ने सीएम विंडो बनाई जो सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए बनाई थी इससे किसी को न्याय नहीं मिला लेकिन हम लोगों को न्याय दिलाएंगे और लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे।