मेले में गत सांय बड़ी चौपाल पर हरियाणवी कलाकार गजेंद्र फौगाट ने हरियाणवी, पंजाबी और हिंदी गीतों की प्रस्तुति से समा बांध दिया। गजेंद्र फौगाट द्वारा गाए बेहतरीन गीतों पर दर्शक अपने आपको झूमन से रोक नहीं पाए। हरियाणा पर्यटन निगम और कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सूरजकूंड मेला परिसर में देश-विदेशों के कलाकारों द्वारा अपनी शानदार प्रस्तुतियों का दौर निरंतर जारी है।
हरियाणवी गायक गजेंद्र फौगाट ने सूरजकुंड मेला परिसर में बेहतरीन व्यवस्थाओं के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा का धन्यवाद किया। विख्यात कलाकार गजेंद्र फौगाट के द्वारा तन्ने कोन कहवे बहू काले की, बेबी मेरे बडे पर तुम क्या दिलवाओ गे, उड़ जईये रे कबूतर उड़ जईये रे, मेरा नौ दांडी का बिजणा आदि गीतों से हरियाणवी बोली से समा बांधा। वहीं यार तेरा चेतक पै चाले, होश न खबर है ये कैसा असर है, ये देश है वीर जवानों का आदि पंजाबी और हिंदी गीतों पर भी दर्शक अपने आपको झूमने से रोक नहीं पाए।
आर्ट एंड कल्चरल गैलरी में मूर्तिशिल्प प्रतियोगिता का किया जा रहा आयोजन
अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला परिसर स्थित आर्ट एंड कल्चरल गैलरी में आयोजित की जा रही मूर्तिशिल्प प्रतियोगिता से युवाओं प्रतिभागियों को मूर्तिकला में निपुण बनाया जा रहा है। 21 फरवरी तक आयोजित की जाने वाली इस प्रतियोगता में 20 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
कला एवं संस्कृति अधिकारी(मूर्तिकला) ह्दय कौशल ने जानकारी देते हुए बताया कि कला एवं संस्कृति कार्य विभाग के आयुक्त डा. अमित अग्रवाल और महानिदेशक के.एम. पांडूरण के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया के निर्देशन में आयोजित की जा रही मूर्तिशिल्प प्रतियागिता में युवा शिल्पकार मूर्तिकला की बारीकियां सीख रहे हैं।