एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य को जनवरी 2024 में पाकिस्तान के हथियार तस्कर ने मौत के घाट उतारने की धमकी दी थी जिसके बाद वीरेश शांडिल्य ने पुलिस को शिकायत दी लेकिन मॉडल टाऊन पुलिस ने जांच के बाद वीरेश शांडिल्य की शिकायत को दफ्तर दाखिल कर दिया था जिसके बाद वीरेश शांडिल्य ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की और कहा कि 30 जनवरी 2024 को उन्हें धमकी देने वाला पाकिस्तानी हथियार तस्कर है जिसकी सूचना हरियाणा पुलिस को पंजाब पुलिस ने दी उसके बावजूद भी अंबाला पुलिस ने पाकिस्तानी हथियार तस्कर पर मामला दर्ज नहीं किया जिसके बाद वीरेश शांडिल्य ने हाईकोर्ट में अपने वकील सीनियर एडवोकेट अनमोल रत्न सिद्धू व एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य के माध्यम से याचिका दायर की और याचिका के बाद वीरेश शांडिल्य की शिकायत पर बलदेव नगर पुलिस ने पाकिस्तानी हथियार तस्कर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में 22 जनवरी 2025 को नियमित सुनवाई हुई जिसमें पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि वीरेश शांडिल्य अपना मोबाइल जांच अधिकारी को नहीं दे रहा जिस पर वीरेश शांडिल्य के वकील अनमोल रत्न सिद्धू ने कहा कि उनसे फोन नहीं मांगा गया और वह फोन देने के लिए तैयार हैं जिस पर 22 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट ने वीरेश शांडिल्य को आदेश दिए कि जब भी पुलिस उनका मोबाइल फोन मांगे तो वह पुलिस को दे दें और 31 जनवरी 2025 को बलदेव नगर के एसएचओ ने वीरेश शांडिल्य से कागजी कार्रवाई के बाद मोबाइल कब्जे में लिया और 16 फरवरी को मोाबाइल से पूरी तरह जांच करने के बाद एसएचओ बलदेव नगर ने वीरेश शांडिल्य को सील बंद लिफाफा दिया जो वीरेश शांडिल्य ने पुलिस के सामने लिफाफे को खोला और अपना मोबाइल लिया और एसएचओ बलदेव नगर ने कहा कि वह अपना मोबाइल फोन जैसे मर्जी इस्तेमाल करें पुलिस को आपत्ति नहीं है जो मोबाइल से डाटा लेना था लिया जा चुका है।
वीरेश शांडिल्य ने थाना बलदेव नगर के एसएचओ रमेश कुमार को कहा कि अब उनके मोबाइल की दोबारा जांच की जरूरत तो नहीं तो उन्होंने कहा कि वीरेश शांडिल्य के मोबाइल से संबंधित जांच पूरी हो चुकी है। वीरेश शांडिल्य ने थाना बलदेव नगर के बाहर पत्रकारों को बताया कि उन्हें 2016 से लगातार आज तक पाकिस्तानी आतंकवादियों खालिस्तानी समर्थकों सहित जरनैल सिंह भिंडरावाला समर्थकों से धमकियां मिल रही है जिस पर वीरेश शांडिल्य ने कहा कि उनकी शिकायत पर अंबाला पुलिस ने 20 से अधिक धमकी भरे केस दर्ज किए हुए हैं।
शांडिल्य ने कहा कि वह मरते दम तक खालिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ लड़ते रहेंगे।