Thursday, 18 July 2024

 

 

खास खबरें आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में फूंका चुनावी बिगुल ; मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की घोषणा सिविल अस्पताल किसी भी निजी अस्पताल के बराबर होगा: सांसद संजीव अरोड़ा शहर वासियों को पीने वाला साफ पानी मुहैया करवाने में नहीं छोड़ी जा रही है कोई कमी : ब्रम शंकर जिंपा हृदय रोग से हर साल 4.77 मिलियन भारतीयों की मौत होती है : डॉ. राकेश शर्मा हरदीप सिंह बावा ने उप-मुख्यमंत्री से भेंट की केवल सिंह पठानिया ने सम्भाला उप-मुख्य सचेतक का पदभार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट की ‘आप दी सरकार, आप दे दुआर’ अभियान के अंतर्गत टांडा के गांव मूनक खुर्द में लगा शिकायत निवारण कैंप कैबिनेट मंत्री ब्रम शंकर जिंपा ने कैटल पाउंड फलाही का दौरा कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा होशियारपुर के सर्वांगीण विकास में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कमी : ब्रम शंकर जिंपा मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नितिन गडकरी से रानीताल-कोटला, घुमारवीं-जाहू-सरकाघाट सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया ब्रिटिश उप उच्चायुक्त, चंडीगढ़ ने यूटी चंडीगढ़ सचिवालय में यूटी चंडीगढ़ प्रशासन के प्रशासक के सलाहकार से मुलाकात की सांसद गुरजीत सिंह औजला से मिलने पहुंचे किसान, दिया मांग पत्र मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की कन्याकुमारी से सियाचिन तक साइकिल यात्रा पर निकली बेटी का राज्यपाल ने बढ़ाया हौसला प्रत्येक जिला में एक गौशाला को नस्ल सुधार के लिए लेंगे गोद : कंवर पाल कैंट के पास बन रहे वेलकम गेट से हिसार की बनेगी एक अलग पहचान : डॉ कमल गुप्ता हरियाणा में हिट-एंड-रन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एचसीएस-2023 के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को किया सम्मानित नितिन गडकरी ने हरियाणा से संबंधित सड़क परियोजनाओं की नई दिल्ली में की समीक्षा मुख्यमंत्री ने पंचकूला के पिंजौर में एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक सेब, फल एवं सब्जी मंडी के प्रथम चरण का किया उद्घाटन

 

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने नमामि गंगे मिशन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

गंगा के निरंतर और सतत प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए ई-प्रवाह निगरानी प्रणाली शुरू की गई

C.R. Paatil, BJP, Bharatiya Janata Party, Dr. Raj Bhushan Choudhary
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

नई दिल्ली , 13 Jun 2024

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल ने जल शक्ति मंत्रालय का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आज नई दिल्ली में नमामि गंगे मिशन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सचिव (जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण), सुश्री देबाश्री मुखर्जी, महानिदेशक (राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन - एनएमसीजी), श्री राजीव कुमार मित्तल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

समीक्षा के दौरान, अविरल गंगा घटक के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा विकसित पर्यावरणीय प्रवाह (ई-प्रवाह) निगरानी प्रणाली भी श्री पाटिल की उपस्थिति में शुरू की गई। ई-प्रवाह निगरानी प्रणाली प्रयाग पोर्टल का एक अभिन्न अंग है, जो परियोजनाओं की योजना और निगरानी, ​​नदी जल की गुणवत्ता और अन्य महत्वपूर्ण मापदंडों के लिए एक वास्तविक समय निगरानी केंद्र है। इस पोर्टल में गंगा तरंग पोर्टल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टूल डैशबोर्ड और गंगा जिला प्रदर्शन निगरानी प्रणाली जैसे ऑनलाइन डैशबोर्ड शामिल हैं।

मंत्री महोदय ने कहा कि यह मंच गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों की जल गुणवत्ता के वास्तविक समय के विश्लेषण की सुविधा प्रदान करता है और केंद्रीय स्तर पर नमामि गंगे कार्यक्रम की गतिविधियों की निगरानी करता है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के प्रदर्शन की निगरानी ऑनलाइन सतत प्रवाह निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) के माध्यम से की जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अपनी निर्धारित क्षमता पर काम करते हैं। विभिन्न स्थानों पर नदी जल की गुणवत्ता की भी निगरानी की जाती है।

ई-फ्लो निगरानी प्रणाली का शुभारंभ गंगा नदी के निरंतर और सतत प्रवाह को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय जल आयोग की त्रैमासिक रिपोर्टों के डेटा का उपयोग करते हुए, सिस्टम गंगा मुख्य धारा के साथ 11 परियोजनाओं में इन-फ्लो, आउट-फ्लो और अनिवार्य ई-फ्लो जैसे प्रमुख मापदंडों की निगरानी करेगा।

श्री पाटिल ने नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत गंगा और उसकी सहायक नदियों सहित चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए नवीन समाधानों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और वर्तमान में नदी पुनर्जीवन कार्यक्रमों से वंचित क्षेत्रों के लिए नई रणनीतियों और दृष्टिकोण विकसित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। 

मंत्री महोदय ने आयोजन के दौरान, गंगा नदी के निर्बाध प्रवाह और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत सफाई परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।भारत सरकार ने 9 अक्टूबर 2018 की अपनी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से, गंगा नदी के विभिन्न हिस्सों के लिए वर्ष भर न्यूनतम ई-प्रवाह बनाए रखना अनिवार्य कर दिया। 

उसी अधिसूचना में, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने नदी के इको-संतुलन को संरक्षित करने, जलीय जीवन की सुरक्षा करने और विभिन्न जल उपयोग मांगों के बीच स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रवाह विनिर्देश निर्धारित किए।ऊपरी गंगा बेसिन से लेकर इसके संगमों और उससे आगे तक, ई-प्रवाह मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कड़े उपाय किए गए हैं, जिससे वर्तमान और भविष्य की, दोनों परियोजनाओं को लाभ होगा। निगरानी और नियामक तंत्र के साथ, गंगा के  इको-बैलेंस को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है।

Union Jal Shakti Minister C.R. Paatil reviews progress of Namami Gange Mission Projects

E-Flow Monitoring System launched to ensure continuous and sustainable flow of Ganga

New Delhi

Union Jal Shakti Minister, C.R. Paatil, reviewed the progress of Namami Gange Mission projects, in New Delhi today, soon after taking charge of the Ministry. Minister of State for Jal Shakti, Dr. Raj Bhushan Choudhary also graced the occasion. 

They were warmly welcomed by Secretary (Water Resources, River Development & Ganga Rejuvenation), Ms. Debashree Mukherjee, Director General (National Mission for Clean Ganga - NMCG), Shri Rajeev Kumar Mital and other senior officers.

During the review, the Environmental flows (E-flows) Monitoring System - developed by the NMCG as part of the Aviral Ganga component - was also launched in the presence of Shri Paatil. 

The E-flow Monitoring System is an integral component of the PRAYAG Portal, a real-time monitoring centre for the planning and monitoring of projects, river water quality, and other crucial parameters. This portal encompasses online dashboards such as the Ganga Tarang Portal, Project Management Tool Dashboard and the Ganga Districts Performance Monitoring System.

The Minister noted that this platform facilitates real-time analysis of water quality of the Ganga, Yamuna, and their tributaries, and monitors Namami Gange programme activities at the central level. The performance of Sewage Treatment Plants (STPs) is monitored through the Online Continuous Effluent Monitoring System (OCEMS), ensuring that all STPs operate at their rated capacity. River water quality is also monitored at various locations.The launch of the E-flow Monitoring System marks a significant step towards ensuring the continuous and sustainable flow of the Ganga River. 

Utilizing data from quarterly reports by the Central Water Commission, the system will track key parameters such as in-flow, out-flow, and mandated E-flow across 11 projects along the Ganga Main Stream.

Shri Paatil emphasized the importance of completing the ongoing projects under the Namami Gange Mission, including those involving the Ganga and its tributaries, within the stipulated time frame. 

He highlighted the need for innovative solutions to address emerging challenges and outlined a commitment to developing new strategies and visions for areas currently without river rejuvenation programmes. During the event, the Minister also reviewed the progress of the cleaning projects under the Namami Gange Programme aiming to ensure the uninterrupted flow and cleanliness of River Ganga.

The Government of India, through its Gazette Notification dated 9th October 2018, mandated minimum E-flow for various stretches of the Ganga River to be maintained year-round. In the same notification, the National Mission for Clean Ganga (NMCG), laid down the flow specifications essential for preserving the river's ecological balance, safeguarding aquatic life, and ensuring sustainability amidst diverse water usage demands.

From the upper Ganga Basin to its confluences and beyond, stringent measures are in place to ensure compliance with E-flow norms, benefiting both existing and future projects. With monitoring and regulatory mechanisms, Ganga's ecological resilience is being safeguarded for generations to come.

 

Tags: C.R. Paatil , BJP , Bharatiya Janata Party , Dr. Raj Bhushan Choudhary

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2024 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD