सुधीर शर्मा ने आज एक बयान में कहा कि कांगड़ा का अब तक जो भी विकास हुआ है, वह केवल क्रांगेस पार्टी और वीरभद्र सिंह की देन है जिसे भुलाया नहीं जा सकता है, जबकि भाजपा ने हमेशा कांगड़ा के लोगों के साथ झूठे वायदे करके गुमराह किया है। यह उदगार शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रकुमार के पक्ष में आयोजित नुक्कड़ सभाओं के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।सुधीर ने कहा कि शान्ता कुमार किस आधार पर कांगड़ा के लोगों से वोट मांग रहे है, जब वह प्रदेश और देश के महत्वपूर्ण पदों पर आसीन थे तब तो उन्होने प्रदेश और विशेषकर कांगड़ा के लिए कुछ नहीं करवा सके और अब बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि यदि शान्ता कुमार चाहते तो कांगड़ा के लिए बहुत कुछ करवा सकते थे क्योकि शान्ता कुमार भाजपा के शीर्ष नेताओं में से एक हैं और दो बार प्रदेश के मुखयमंत्री और में एनडीए सरकार के दौरान केबिनेट मंत्री के अतिरिक्त कई बार सांसद रहे है। उन्होने बताया कि शान्ता कुमार अपने राजनैतिक काल की कोई एक उपलब्धि बताए जिससे कांगड़ा के लोगों को लाभ पहुंचा हो और हिमाचल में मोदी की नहीं बल्कि सोनिया की लहर है, जो विकास कांग्रेस ने एक साल में किया है वो भाजपा सरकार पांच वर्षो में नहीं कर पाई। और कई विकासात्मक परियोजनाएं और यह हिमाचल प्रदेश भी कांग्रेस की ही देन है।
उन्होने कहा कि मुखयमंत्री वीरभद्र सिंह ने यूपीए सरकार में केबिनेट मंत्री पद पर रहते हुए कांगड़ा के लिए केन्द्रीय विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय फैशन टेकनोलोजी संस्थान के अतिरिक्त टांडा मैडिकल कालेज में सुपर स्पैश्यिलिटि अस्पताल आदि स्वीकृत करवाए, जिसका सीधा लाभ कांगड़ा के लोगों को मिल रहा है । उन्होने कहा कि चंबा-कांगड़ा के मध्य टनल के निर्माण होने से कांगडा -चंबा के बीच लगभग एक सौ किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी । इसी प्रकार जदरांगल में निजि क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापित किया जा रहा है जिसके बनने से कांगडा के बेरोजगार युवाओं को घरद्वार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
सुधीर ने कहा कि सब लोग जानते हैं कि भाजपा के कार्यकाल में कांगड़ा की कितनी अनदेखी हुई थी और कांगडा में इस दौरान सारे विकास कार्य ठप्प पड़ गए थे, उन्होने कहा कि इसी कारण प्रदेश की जनता ने भाजपा को वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में धूल चटा दी थी । उन्होने कहा कि कांग्रेस विकास के नाम पर वोट मांग रही है। उन्होने लोगों को याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बैजनाथ के साथ कितना भेदभाव किया था, और कांग्रेस पार्टी के सता में आते ही बैजनाथ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में विकास की एक झड़ी लग गई है। उन्होनें कहा कि शांता कुमार को अब राजनीति से सन्यास लेकर आराम करना चाहिए क्योकि जब बड़े-बड़े पदों पर रह कि भी कुछ नहीं कर सके तो अब क्या करेगें। और उन्होनें शांता कुमार को सलाह देते हुए कहा कि मोदी की शरण में जाने से कुछ नहीं होने वाला, और यह याद रहे कि मोदी की हिेमाचल में कोई लहर नहीं है। हिमाचल प्रदेश में वीरभद्र सिंह का सिक्का चलता है और चलता रहेगा। सुधीर शर्मा ने कहा कि मुयमंत्री वीरभद्र सिंह के 50 वर्ष से अधिक राजनैतिक अनुभव के फ लस्वरूप प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल रही है तथा इनके नेतृत्व में वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी बहुमत प्राप्त हुआ था और अब राज्य में लोकसभा चुनाव लडा जा रहा है। उन्होने कहा कि वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदेश की चारों सीटे कांग्रेस की झोली में जाएगी और केन्द्र में तीसरी बार यूपीए सरकार अपना वर्चस्व कायम करेगी और भाजपा मोदी माला जपती रह जाएगी।