शहीद सिपाही परगट सिंह के पैतृक गाँव दबुरजी में सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सुखजिन्दर सिंह रंधावा द्वारा सिपाही परगट सिंह की शहादत को सजदा, पारिवारिक सदस्यों के साथ दुख किया प्रकट
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डेरा बाबा नानक , 09 May 2021
Last updated on: May 09, 2021, 00:00 IST
सियाचिन ग्लेशियर में बर्फीले तूफ़ान के कारण बर्फ़ के ढेर के नीचे दब जाने के कारण शहीद हुए सिपाही परगट सिंह का आज शहीद के पैतृक गाँव दबुरजी, नज़दीक डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर) में सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 21 पंजाब का सिपाही परगट सिंह अपने पीछे पिता स. प्रीतम सिंह, माता सरदारनी सुखविन्दर कौर और दो बहनें छोड़ गया।इस मौके पर पंजाब सरकार की तरफ़ से कैबिनेट मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा द्वारा शहीद को श्रद्धा के फूल अर्पण किये गए और शहीद के परिवार के साथ दुख साझा किया गया। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद इशफाक और एस डी एम अर्शदीप सिंह लुबाना भी उपस्थित थे। सिपाही परगट सिंह की शहादत को सजदा करते हुए स. रंधावा ने शहीद के परिवार के साथ दुख साझा करते हुए कहा कि शहीद देश और कौम का सरमाया होते हैं और सिपाही परगट सिंह की शहादत नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उस पर हम सभी को बहुत गर्व है।स. रंधावा ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा शहीद सिपाही के परिवार को 50 लाख रुपए एक्स ग्रेशिया और एक पारिवारिक मैंबर को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है। उन्होंने परिवार को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार और वह निजी तौर पर उनके दुख में शामिल हैं और परिवार को हर तरह की मदद देने का भी विश्वास दिलाया।जि़क्रयोग्य है कि 25 अप्रैल, 2021 को सियाचिन ग्लेश्यिर में भयानक बर्फीला तूफ़ान आया था जिसमें 21 पंजाब के दो सिपाही अमरदीप सिंह (बरनाला) और प्रभजोत सिंह (मानसा) शहीद हो गए थे। परगट सिंह को बर्फ़ के नीचे से निकाल कर 27 अप्रैल, 2021 को चण्डीगढ़ कमांड अस्पताल लाया गया था जहाँ वह कल (8 मई) हाईपोथरमिया और गुरदे की गंभीर चोट के कारण शहीद हो गया।