बॉर्डर पर स्थायी निर्माण पर किसान नेताओ का निर्णय, कहा नहीं होगा निर्माण
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सिंघु बॉर्डर , 14 Mar 2021
Last updated on: Mar 14, 2021, 00:00 IST
बढ़ती गर्मी ने दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों को पक्के मकान बनाने पर मजबूर किया। हालांकि रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने इस संबंध पर स्थिति साफ कर दी। उनके अनुसार 12 मार्च को पंजाब की 32 किसान यूनियनों की एक बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदर्शनकारियों को विरोध स्थलों पर किसी भी स्थायी मकान का निर्माण नहीं करना चाहिए। दरअसल यह निर्णय सिंघु व टीकरी बॉर्डर पर कुछ किसानों द्वारा पक्के मकान बनाने के संबंध में लिया गया है। हालांकि इससे पहले तक किसान दो मंजिला मकान बनाने की तैयारी कर रहे थे। इतना ही नहीं मकान बनाने के लिए मिस्त्री और ईंटें पंजाब से मंगाई गई थी। बॉर्डर पर फिलहाल चार मकान बनाए जा रहे थे, वहीं किसानों द्वारा ये भी कहा गया था कि इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। ईंटो से बनाए जा रहे पक्के मकान सिंघु बॉर्डर स्थित मुख्य मंच स्थल से थोड़ा आगे ही बन रहे थे। मौसम में बदलाव देख किसानों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। इतना ही नही बॉर्डर पर किसानों ने टैंट में कूलर लगाना शुरू कर दिया है, वहीं छप्पर लगा कर धूप से बचने का प्रयास किया गया। किसानों के सामने गर्मी के अलावा रात में मच्छर की भी समस्या है जिसके लिए सभी टैंट में जाली लगाई गई है ताकि मच्छर अंदर न घुस सके। वहीं हवा भी आती रहे। सरकार और किसानों के बीच अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन सभी विफल रही। सरकार अपनी तरफ से स्प्ष्ट कर चुकी है कि कानून वापसी नहीं होंगे हालांकि संशोधन किए जा सकते है। लेकिन किसान वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं।