लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में एसोसिएट डीन के पद पर कार्यरत डॉ सौरभ लखनपाल ने इतिहास रचते हुए गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने एलपीयू के शांति देवी मित्तल ऑडिटोरियम में 2219 विद्यार्थियों को 45 मिनट तक बिना रुके विश्व का विशालतम ड्रगस अवेयरनेस के प्रति पाठ पढ़ाया। इस अवसर पर डॉ लखनपाल ने विद्यार्थियों से प्रतिज्ञा भी करवाई कि वे इस पाठ के द्वारा समाज में चेतना भी लाएंगे और देश के प्रति बेहतरीन नागरिक होने का कर्तव्य भी निभाएंगे। एलपीयू ने गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड्स एजेंसी के अनुरूप इस पूरे प्रयास को सुविधाजनक बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड केरल की किसी एनजीओ के एक वक्ता के नाम पर था जो 200 से अधिक श्रोताओं की मौजूदगी के अंतर से डॉ लखनपाल से पिछड़ गया।एलपीयू की प्रबंधक समिति के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए डॉ सौरभ लखनपाल ने सांझा किया- 'मैं अपनी इस प्राप्ति को उन सभी परिजनों को समर्पित करता हूं जिन्होंने कभी न कभी, कहीं न कहीं अपने किसी प्रियजन को नशीले पदार्थों से दुष्प्रभावित देखा होगा और बहुत से दुख झेले होंगे। मैं एलपीयू की प्रबंधक समिति के साथ-साथ स्टाफ के उन सभी सदस्यों तथा विद्यार्थियों का अति आभारी हूं जिन्होंने इस विशालतम आयोजन के लिए सहारा दिया क्योंकि उनके समर्थन के बिना यह सम्भव नहीं हो सकता था।
अपने पाठ के बारे में उन्होंने सूचित किया कि यह विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी कर्तव्यबद्धता को निभाने के लिए था। उन्होंने बताया कि तनाव के क्षणों में किसी को भी दबाव से बचने के लिए दूर नहीं होना चाहिए बल्कि इसका सामना करना चाहिए और इसे नियंत्रित करना भी सीखना चाहिए। उन्होंने मध्यम रूप के नशे की लत से लेकर विभिन्न सशक्त श्रेणियों के बीच का अंतर भी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सचेत किया कि कुछ नशीली दवाईयां उपयोगकर्ताओं में आपराधिक मानसिकता को बढ़ावा भी देती हैं।डॉ लखनपाल आर्युवेदा साईंस में माहिर हैं और युवा विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ते दबाव को देखकर उनकी परिकल्पना है कि वे आर्युवेद, योग शिक्षा तथा अन्य उपचारों के माध्यम से प्रत्येक के स्वास्थ्य में लाभ पहुंचाएं और उन्हें तंदरुस्त देखें। एलपीयू में वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति जिम्मेवारी निभा रहे हैं तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जुनून और स्किलज को देखते हुए उन्होंने कैंपस में 50 से अधिक विद्यार्थी संगठनों की स्थापना भी करवाई हुई है ताकि विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत नाम पर बहुत सी प्राप्तियां कर सकें। उन्हें ब्लड डोनेशन कैंपस के आयोजन के प्रति भी कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।