आयुक्त सचिव वन मनोज कुमार द्धिवेदी ने आज एक बैठक आयोजित कर राज्य में राश्ट्रीय बांस मिषन (एनबीएम) के कार्यान्वयन में प्रगति की समीक्षा की। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक तथा मुख्य वन्यजीव संरक्षण जम्मू व कष्मीर सुरेष चुग, निदेषक सामाजिक वानिकी एस.के. गुप्ता, विषेश सचिव (तकनीकी) के. रामेष कुमार, अतिरिक्त सचिव वन विभाग राम सेवक तथा अन्य सम्बंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। बैठक को सूचित किया गया कि नीजि जमीनों पर उगने वाले बांस को भू परिवहन नियमों में छूट की आवष्यकता है ताकि बांस की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहन दिया जा सके।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी लाने हेतु सरकारी तथा नीजि जमीनों में बांस पौधारोपण के अंतर्गत क्षेत्र को बढ़ाने पर बल देने के लिए कदम उठाये जाएंगे।बैठक में आधुनिक प्राईमरी प्रोसैसिंग युनिट की स्थापना, पौधों की देखभाल, संरक्षण प्रौद्योगिकियों तथा बाजार ढांचा के माध्यम से कटाई उपरांत प्रबंधन में सुधार लाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक को सूचित किया गया कि सूक्ष्म, लद्यु तथा मध्यम स्तरों पर उत्पाद विकास को बढ़ावा देने और सबसे बड़े उद्योग की जरूरत को पूरा करने के लिए प्रयास किये जाऐंगे। इसके अलावा बांस क्षेत्र के विकास के लिए कौषल विकास, क्षमता निर्माण, जागरूकता पैदा करने पर भी बल दिया जाएगा।इसके अतिरिक्त निर्णय लिया गया कि निदेषक सामाजिक वानिकी जम्मू व कष्मीर राश्ट्रीय बांस मिषन के तहत नीति को लागू करने और लक्ष्य निर्धारित करने के लिए नोडल अधिकारी होंगे।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने हाल ही में 2018-19 तथा 2019-20 के लिए नेषनल मिषन फॉर सस्टेनएबल एग्रीकल्चर (एनएमएसए) के तहत राश्ट्रीय बांस मिषन की योजना को स्वीकृति दी है।इस योजना से किसानों के साथ साथ स्थानीय कारीगरों तथा सम्बंधित उद्योगों सहित बांस क्षेत्र में नियुक्त कर्मियों को सीधे तौर पर लाभ होगा।