सर्जिकल गॅस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, स्कीम्स , सोरा ने आज ‘पोर्टल हायपरटेन्षन’ पर सीएमई का आयोजन किया।स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, बाली भगत इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे, जबकि इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त फैकल्टी के अलावा स्कीम्स, मैडिकल कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर और उसके संबंधित अस्पतालों के संकाय ने भाग लिया।समारोह के अध्यक्ष प्रो उमर जावेद शाह ने मेहमानों का स्वागत किया और कहा कि स्कीम्स राज्य के लोगों के लिए ‘अंतिम आशा’ की स्थिति बन गई है। उन्होंने सीएमई के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।डीन फैकल्टी, प्रोफेसर अल्ताफ रहमान किरमानी ने ने में वर्तमान उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी और सीएमई के महत्व पर भी बात की।इस अवसर पर बोलते हुए बाली भगत ने सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विशेष संदर्भ के साथ, स्कीम्स के प्रशंसनीय कार्य और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जम्मू व कश्मीर में इस तरह के गंभीर रूप से बीमार रोगियों, जो अन्यथा जीवन की उम्मीद खो चुके थे, अब इस इलाज के लिए राज्य के बाहर जाने की जरूरत नहीं है।बाली ने कहा कि स्कीम्स, राज्य की प्रमुख संस्था है जो न केवल घाटी से मरीजों की जरूरतों को पूरा करती है बल्कि राज्य के अन्य सभी हिस्सों से भी सैकड़ों रोगियों को विशेष उपचार प्रदान करता है। उन्होंने पिछली गर्मियों की उथल-पुथल के दौरान संस्थान द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य की सराहना की।इस तरह के एक महत्वपूर्ण आयोजन के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए मंत्री ने कहा कि युवा डॉक्टरों को विशेष रूप से प्रो नंदी और प्रो अजय कुमार से अवसर का पूरा लाभ लेकर अपने वरिष्ठों से क्षेत्र में नई प्रगति को सीखना होगा। उन्होंने डॉक्टरों के ज्ञान को समृद्ध करने के लिए नियमित आधार पर ऐसे आयोजन के लिए कहा। इससे पहले, आयोजकों ने शाल और स्मृति चिन्ह पेश करके मंत्री का सत्कार किया।