सीएम वीरभद्र सिंह द्वारा एक एक कर लगाए गए आरोपों का नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने भी चुन-चुन कर जवाब दिया। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए धूमल ने कहा कि ईडी एक संवैधानिक इकाई है, सीएम को यदि ऐसा कुछ लगता है तो वह क़ानूनी लड़ाई लड़ें। धूमल ने कहा की वह न्यायालय के निर्देशों पर, संवैधानिक इकाइयों की कार्रवाई पर कुछ नहीं कह सकते। धूमल ने कहा की वह सीएम की स्थिति समझ सकते हैं सीएम दिक्कत में हैं, सीएम को दूसरों पर दोषारोपण करने की बजाय अपना पक्ष ठीक रखना चाहिए। परिवारवाद पर बोलते हुए धूमल ने कहा कि कांग्रेस के लोग बीजेपी का नाम लेकर कहीं और निशाना लगा रहे हैं। कांग्रेस में कुछ लोगों को गांधी परिवार खटक रहा है तो प्रदेश में वीरभद्र उनकी पत्नी और उनका बेटा कांग्रेसियों को खटक रहा है। कांग्रेसी अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। धूमल ने अपनी संपत्ति की जांच को लेकर कहा कि मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है। मैंने पहले ही कह रखा है कि सीबीआई से जांच करवा लो। उन्होंने कहा कि उनके नाम पंजाब (जालन्धर) में कुछ नहीं है और 2002-3 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हमीरपुर में कुछ ऐसे इल्जाम लगाए थे और कुछ वर्ष पश्चात शिमला में कोर्ट में माफ़ी मांग कर रिग्रेट करके गए थे, इसलिए कैप्टन अमरिंदर सिंह को न ऐसी आवश्यकता है और न ही वह कुछ करेंगे।