कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नेशनल कांफ्रेंस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए बुधवार को यहां कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में पंचों व सरपचों को अधिकार दिए जाने की जरूरत है। राहुल राज्य के दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे हैं। कांग्रेस के पंचों और सरपंचों की रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि सरपंचों को राज्य में वास्तविक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। इस स्थिति में बदलाव तब होगा, जब राज्य में 73वें और 74वें संविधान संशोधन को लागू किया जाएगा। लेकिन कश्मीर का अपना अलग संविधान है। राहुल ने सवालिया लहजे में कहा, "राज्य में पचों, सरपंचों और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के पास क्या अधिकार हैं?"इसका जवाब उन्होंने खुद दिया और कहा, "सच्चाई यह है कि उनके पास कोई अधिकार नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता जम्मू एवं कश्मीर में पंचों और सरपंचों को अधिकार देने की है।"उन्होंने कहा, "जो काम सरपंच और पंच कर सकते हैं वह विधायक और मंत्री नहीं कर सकते क्योंकि मंत्रियों और विधायकों के पास सूचना की उतनी पहुंच नहीं है जितनी पंचों और सरपंचों के पास है।"गौरतलब है कि कांग्रेस का सहयोगी दल, नेशनल कांफ्रेंस सरपंचों से जुड़े संवैधानिक प्रावधान को लागू करने का विरोध कर रहा है। लेकिन राहुल ने इसकी जरूरत को रेखांकित किया। राहुल ने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर में हमारी सरकार है और हम लगातार 73वें और 74वें संविधान संशोधन को राज्य में लागू करने का दबाव बना रहे हैं। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण पंचों का भविष्य है।"
उनके साथ इस दौरान कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सैफ-उद-दीन-सोज भी मौजूद थे। राहुल ने कहा, "मैं आपके लिए इसकी लड़ाई लड़ूंगा और मैं यहां आना जारी रखूंगा। आपको वह अधिकार मिलने तक दबाव बनाता रहूंगा, क्योंकि उसके बिना आप ठीक से काम नहीं कर सकते।"उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अन्य प्राथमिकता राज्य में स्थानीय युवकों को रोजगार के लिए प्रशिक्षित करना और महिलाओं का सशक्तीकरण करना है।उन्होंने कहा कि 'हिमायत' और 'उम्मीद' कार्यक्रम के जरिए हजारों युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।राहुल ने पाकिस्तान से यहां आकर बसे शरणार्थियों की समस्याओं पर भी बात की। उन्होंने कहा, "आपके लिए जो किया जा सकता है कांग्रेस करेगी।"राहुल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण विधेयक को राज्य में लागू करने की जरूरत पर बात की है। राहुल के भाषण के समापन के कुछ देर बाद ही कई पंच और सरपंच उठ खड़े हुए और कहा कि उनसे तीन सालों से अधिकार दिए जाने का वादा किया जा रहा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। इसके जवाब में राहुल ने कहा कि वह उन्हें संवैधानिक अधिकार दिलाए जाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। राहुल ने इससे पहले पार्टी मुख्यालय में बैठक कर राज्य के राजनीतिक हालात पर चर्चा की।