कीटनाशक कंपनियों को डरा-धमका कर उनसे जबरन फिरौती लेने के आरोप में बठिंडा से शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए कृषि आधिकारियों को सरकारी शह प्राप्त होने और इसके तार कीटनाशक घोटाले के साथ होने का दावा करते आम आदमी पार्टी ने इस मामले में कृषि मंत्री तोता सिंह से इस्तीफे की मांग की है।शनिवार को जारी एक सांझे ब्यान में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सुखपाल सिंह खहरा, कंवर संधू और अमन अरोड़ा ने पंजाब सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
खहरा ने कहा कि यह फिरौती कृषि मंत्री तोता सिंह और उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के इशारे पर की जा रही थी और कृषि अधिकारी इस मामले में तो न मात्र ही थे। उन्होंने कहा कि इस पैसों का प्रयोग राजनैतिक कामों के लिए किया जाना था।कंवर संधू ने कहा कि इससे पहले भी कृषि मंत्री के इशारे पर बेची गई नकली कीटनाशक दवाओं के कारण मालवा क्षेत्र में सफेद मक्खी ने हमला कर सैंकड़ों एकड़ फसल को तबाह कर दिया था। यह फिरौती उसी तरह ही नकली कीटनाशक दवाएं बेचने की इजाजत देने के लिए ही की जा रही थी।
अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार जानबूझ कर पूर्व कृषि डायरैक्टर मंगल सिंह के खिलाफ कीटनाशक दवाओं के 33 करोड़ के घपलो में चालान पेश करने में ढील कर रही है। अरोड़ा ने कहा कि ऐसा इस केस में शामिल राज नेताओं को बचाने के लिए किया जा रहा है।जिक्रयोग्य है कि बठिंडा पुलिस ने शुक्रवार को कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरैक्टर सहित 3 आधिकारियों को बठिंडा के पैस्टीसाइड डीलरों से फिरौती लेने के आरोप अधीन 4.5 लाख रुपए सहित गिरफ्तार किया था। इस आरोप के लिए उनके खिलाफ धारा 384 के अधीन मामला भी दर्ज किया गया था।आप नेताओं ने इस मामले में पुलिस की कार्याप्रणालीपर शक जाहिर करते कहा कि उनको पंजाब पुलिस की कार्याप्रणाली पर विश्वास नहीं है और इस केस की जांच हाई कोर्ट के मौजूदा जज द्वारा करने की मांग की।