आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि इस पार्टी द्वारा अपने चुनाव घोषणा पत्र पर श्री हरमदिंर साहिब की तस्वीर के साथ अपने चुनाव चिंह झाडू को दर्शाना एक घिन्नौना जुर्म है। जिसने ना केवल राज्य के बल्कि विश्व भर के समूचे सिक्खों की भावनाओं को घायल किया है।रोपड़ विधान सभा क्षेत्र में संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा केवल किया गया जुर्म सामान्य जुर्म नही है बल्कि यह एक घिन्नौना अपराध है जोकि माफी के योग्य नही है। स. बादल ने कहा कि यह उनकी सिक्ख धर्म के प्रति निरादर वाली मानसिकता को दर्शाता है और यह पाप बेअदबी के तुल्य है। इस घटना की आरोपियों विरूद्ध शिरोमणि गुरूद्वारा प्रंबधक कमेटी द्वारा की जा रही संभावित कानूनी कार्यवाही को जायज ठहराते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में कानून अपना राह खुद अख्तियार करेगा और राज्य सरकार ने पहले ही 'पंजाब पीनल कोड संशोधन बिल-2016 बनाया हुआ है जिसमें श्री गुरू गं्रथ साहिब की बेअदबी के लिए उम्रकेद की व्यवस्था धारा 295-ए-ए जोड़कर की गई है। इसके साथ ही आईपीसी के धारा 295 अधीन सजा में बढा़ेतरी की गई है। किसी भी धर्म की बेअदबी करने या धार्मिक स्थान को क्षति पहुंचाने के लिए सजा दो वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आप द्वारा किया गया अमनावीय कार्य उनकी श्री गुरू ग्रंथ साहिब , भगवत गीता तथा कुरान शरीफ जैसे पवित्र ग्रंथों के प्रति संवेदनहीनता का प्रगटावा करता है। उन्होने कहा कि कांग्रेस भी आप की तरह पार्टी ही है जिसने श्री हरमदिंर साहिब पर हमला करवाया था जो कि आज भी सिक्ख भाईचारे की मानसिकता में याद है।सीनियर कांग्रेसी नेता श्री सुनील जाखड़ द्वारा एसवाईएल के मुददे पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य के पक्ष में भरोसा लेने संबंधी दिये अलटीमेटम संबंधी पूछे गये प्रश्र के उत्तर में स. बादल ने कहा कि श्री जाखड़ जैसे नेता यह वाजिव बात नही है जोकि इस मुददे संबंधी भली भांति अवगत है। यह मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में लम्बित पड़ा है और इस संबधी अंतिम फैसला किसी भी समय आ सकता है। उन्होने कहा कि 'प्रधानमंत्री इस मौके इस मामले में किस प्रकार दखल दे सकते है। जबकि यह केस सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अधीन है।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जाखड़ वोटो की राजनीति के लिए ऐसा कर रहे है उन्होने कहा कि श्री जाखड़ भली भांति इस बात से अवगत है कि प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उस समय के पंजाब के मुख्यमंत्री को एसवाईएल नहर खोदने के आदेश दिये थे और उन्होने निजी तौर पर कैप्टन अमरेन्द्र सिंह सहित राज्य की सीनियर कांग्रेस लीडरशिप की उपस्थित में इस नहर का नींव पत्थर रखा था।बादल ने कहा कि एसवाईएल नहर पंजाब एवं पंजाबियों के साथ विश्वासघात है जिसकी ईबारत केवल एवं केवल कांग्रेस ने ही लिखी है। उन्होने श्री जाखड़ को इस मामले पर सियासत करने की बजाये राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए साकारात्मक भूमिका निभाने के लिए कहा है। उन्होने कहा कि हर कोई जानता है कि नदी जल की रक्षा के लिए किस ने साकारत्मक भूमिका निभाई थी और किसने नदी के पानी पर डाका डलवाने प्रयास किया था।एक अन्य प्रशन के उत्तर में, मुख् यमंत्री ने कहा कि सफर-ए-शहादत का संपूर्ण वास्तविक मार्ग को लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीनीकरण एवं मज़बूत किया जायेगा। रोपड़ जिले के कूमा काश्की फतेहगढ़ साहिब वाया मोरिंडा सड़क को मज़बूत बनाना श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों एवं माता गुजरी को महान श्रद्धांजलि होगी।
गौरतलब है कि इस से पहले मुख्यमंत्री ने रोपड़ जिले में 17.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 10.12 कि.मी सड़क का नींव पत्थर रखा हुआ है।अंबूजा सीमेंट प्लांट नजदीक गांवाकं में जल एवं हवा प्रदूषण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का एलान किया जो कि पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के डायरैक्टर, रोपड़ थर्मल प्लांट के चीफ इंजीनियर, जल सप्लाई एवं सैनीटेशन के चीफ इंजीनियर, ड्रेनेज के चीफ इंजीनियर, पंजाब राज पावर कार्पोरेशन के चीफ इंजीनियर और रोपड़ के डिप्टी कमिशनर पर अधारित बनाई जायेगी। यह कमेटी इस मुद्दे पर समस्या के स्थायी हल के लिए अपने सुझाव देगी। संगत दर्शन दौरान हासिल हुई बहुत सी शिकायतों के कारण मु यमंत्री ने इस समस्या के हल के लिए तुरंत कमेटी का फैसला किया।संगत दर्शन प्रौग्राम की अहमियत के संबंध में मु यमंत्री ने कहा कि यह एक ऐसा विलक्षण प्रौग्राम है जिससे स्थानीय जरूरतों अनुसार लोगों की परेशानियों को मौके पर ही हल किया जाता है। इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में विधायक रोपड़ और शिक्षा मंत्री स. दलजीत सिंह चीमा, एसजीपीसी मैंबर स. अमरजीत सिंह चावला, विशेष प्रधान सचिव/मुख्यमंत्री श्री एस करूणाराजू, डिप्टी कमिशनर रोपड़, श्री करूनेश शर्मा, एस एसपी रोपड़ श्री वरिंदर सिंह और चीफ इंजीनियर जलापूर्ति एवं स्वच्छता श्री दलजीत सिंह चीमा उपस्थित थे।