मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राजधानी शिमला तथा धर्मशाला में बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए परिवहन के वैकल्पिक साधन विकसित करने पर विचार कर रही है। इन शहरों में पर्सनल रेपिड ट्रांज़िट (पीआरटी) पौड स्थापित करने के लिए व्यावहारिक रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि त्वरित एवं व्यक्तिगत टैक्सी सेवा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ यह पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी।
मुख्यमंत्री आज यहां शहर एवं नगर नियोजन, हिमुडा एवं शहरी विकास विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीआरटी वैकल्पिक परिवहन क्षेत्र में आधुनिक हरित समाधान है, जिसमें मोनोरेल के लिए 10 मीटर ट्रैक की आवश्यकता के मुकाबले 2.1 मीटर टैªक की ही आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि चार से छः सीट की स्वचलित पौड बैटरी से चलने वाला चालक रहित वाहन है, जो एलिवेटिड मार्ग पर चलता है। इसे आसानी से स्थापित किया जा सकता है, क्योंकि इसकी ज्यादातर अधोसंरचना पहले से ही तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक पीआरटी प्रणाली लंदन के हिथरो एयरपोर्ट में सफलतापूर्वक प्रयोग में लाई जा रही है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में शहरी सचल परिवहन प्राधिकरण (यूएमटीए) स्थापित किया जाएगा ताकि पीआरटी एवं रज्जू मार्ग इत्यादि जैसे शहरी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं की वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अधिनियम तैयार किया जा रहा है। इससे शहरी क्षेत्रों जो विख्यात पर्यटक स्थल हैं, में वाहनों के दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी और शहरों की परिवहन आवश्यकताएं भी पूरी की जा सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपार्टमेंट एण्ड प्रॉपर्टी एक्ट, 2005 तथा हिमाचल प्रदेश शहर एवं नगर नियोजन अधिनियम, 1977 को जोड़कर हिमाचल प्रदेश शहर एवं नगर नियोजन अधिनियम, 2013 तैयार कर इसे अन्तिम रूप दिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश अनाधिकृत निर्माण एवं बदलाव नियमितिकरण अधिनियम, 2013 का भी प्रारूप तैयार किया जा रहा है ताकि प्रदेश में अनाधिकृत निर्माण एवं बदलाव को निर्धारित समय के लिए नियमित किए जा सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस अधिनियम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसमें कड़ी कार्यावाही सहित दण्ड का प्रावधान भी शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला के कृष्णानगर में 300 आवासों का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए केन्द्र सरकार ने फरवरी, 2013 में 34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। केन्द्र सरकार ने 9.20 करोड़ रुपये की पहली किश्त पहले ही जारी कर दी है। इस वर्ष के मार्च माह के अन्त में 13वें वित्त आयोग द्वारा लगाई गई सभी शर्तों की अनुपालना में केंद्र सरकार ने 6.48 करोड़ रुपये का प्रदर्शन अनुदान पहली बार जारी किया है।श्री वीरभद्र सिंह ने जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीकरण मिशन, शहरी अधोसंरचना एवं शासन, शहरी गरीबों को आधारभूत सुविधाएं इत्यादि जैसी केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं के अन्तर्गत अधिक धनराशि प्राप्त करने के लिए इनमें नई योजनाएं शामिल की जानी चाहिएं। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं व्यवहारिक नहीं हैं अथवा जिनकी लागत में वृद्धि हो गई है, को संशोधित करने के लिए संबंधित केंद्रीय मंत्रालय का दौरा किया जाना चाहिए ताकि इन्हें प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप व्यवहारिक बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण ने प्रदेश में 34 कालौनियां विकसित की हैं, जिनमें 12528 आवास एवं फ्लैट हैं। उन्होंने हिमुडा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि लोगों की बिजली एवं पानी की आवश्यकताओं को निर्माण कार्य आरम्भ करने से पहले पूरा किया जाना चाहिए। हिमुडा को अपनी सुविधाओं को आनलाईन उपलब्ध करवाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को सुविधा उपलब्ध हो सके।
श्री वीरभद्र सिंह ने हिमुडा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रोहड़ू में निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम के कार्य को इस वर्ष के अंत तक पूरा करें।
शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री श्री सुधीर शर्मा ने कहा कि शिमला, हमीरपुर, धर्मशाला, सोलन और मंडी में पांच नए सैटेलाईट शहर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहाकि इन सैटेलाईट शहरों की स्थापना के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता होगी। हिमुडा व्यापक स्तर पर निवेश करने में समर्थ नहीं है, इसलिए इस कार्य के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश अथवा सार्वजनिक निजी सहभागिता आधार पर निवेश की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए बड़ी कंपनियों का सहयोग अपेक्षित होगा ताकि इन पांच जगहों में बड़े सैटेलाईट शहर बसाए जा सके। उन्होंने शिमला योजना क्षेत्र की प्रारूप योजना के लिए जनता से सुझाव आमंत्रित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.मित्रा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों को अक्षःरश कार्यान्वित किया जाएगा और सभी निर्माणाधीन परियोजनाआंे के कार्य में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से संबंधित मामलों को भी सुलझा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री टी.जी. नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी.सी. फारका, प्रधान सचिव प्रशासनिक सुधार श्री संजय गुप्ता, सचिव वित्त श्री मनीष गर्ग, निदेशक शहरी विकास एवं नगर नियोजन श्री विकास लाबरू, नगर निगम शिमला के आयुक्त श्री अमरजीत सिंह, हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरूण गुप्ता, राज्य योजनाकार श्री ए.एन. गौतम तथा शहरी विकास, नगर नियोजन एवं हिमुडा के अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।