नार्वे ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और जम्मू एवं कश्मीर में सौर ऊर्जा के लघु –ग्रिड संयंत्रों से 28 गांवों के विधुतीकरण की परियोजना को सहायता प्रदान की है। राज्यसभा में आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में पीयूष गोयल (ऊर्जा, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री-स्वतंत्र प्रभार ) ने यह बात कही। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन की ऑफ ग्रिड तथा विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा के अंतर्गत, मंत्रालय 27 रुपये प्रति डब्ल्यूपी से 135 रुपये प्रति डब्ल्यूपी के बीच सौर ऊर्जा पीवी प्रणाली तथा विद्युत संयंत्रों की स्थापना के लिए 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करता है।
पीयूष गोयल ने आगे बताया कि विशेष श्रेणी के राज्यों अर्थात पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, लक्षदीप और अंडमान निकोबार द्वीप के लिए मंत्रालय सरकारी संगठनों(वाणिज्य संगठनों और कारपोरेशनों के लिए नहीं) हेतु 81 रुपये प्रति डब्ल्यूपी से 405 रुपये प्रति डब्ल्यूपी के बीच 90 प्रतशित पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करता है। मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि मंत्रालय सौर ऊर्जा क्षमता का दोहन करने के लिए इन राज्यों में राज्य सरकारों की सहायता कर रहा है।