12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) तैयार करने के लिए कोयला एवं लिग्नाईट पर कार्य दल की रिपोर्ट में योजनावधि के दौरान कोयला उत्पादन के लिए दो परिदृश्य दर्शाए गए हैं। सकारात्मक परिदृश्य के अनुसार 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक (2016-17) कोयले का उत्पादन 795 एमटीई तक पहुंचना अभिकल्पित था और कारोबार के अनुसार सामान्य परिदृश्य के चलते इसके रक्षित ब्लॉकों से 100 एमटीई समेत उस वर्ष तक 715 एमटीई तक पहुंचने की संभावना थी। राज्यसभा में आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में ऊर्जा, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री-(स्वतंत्र प्रभार ) पीयूष गोयल ने यह बात कही। पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि सकारात्मक परिदृश्य इस अनुमान पर आधारित था कि कोयले की खुदाई में तेजी आएगी, रेल संरचना तथा पर्यावरण एवं वन संबंधित क्लीयरेंस मिलने में प्रगति होगी। सरकार का ध्यान कोयला उत्पादन में बढ़ोतरी की दिशा में सभी उपाय करने पर केंद्रित है।