मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रतिमाह तथा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे।
यह जानकारी पंजाब के लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने विधानसभा क्षेत्र जंडियाला गुरु के अंतर्गत गांव भंगवां, सैदोलेहल और दशमेश नगर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों को इस योजना का लाभ 1 जुलाई से मिलना शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि ये जन संवाद कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि आम लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याएं सुनने और उनका समाधान सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने आम जनता के कल्याण की अपेक्षा अपने स्वार्थों को प्राथमिकता दी, जबकि वर्तमान सरकार राज्य के खजाने के प्रत्येक रुपये का उपयोग जनहित में कर रही है। श्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।
इसके अलावा किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाई जा रही है, जो पंजाब के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब देश की मूल्यवान संपत्तियां निजी हाथों में सौंपी जा रही हैं, पंजाब सरकार ने एक निजी ताप विद्युत संयंत्र खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमानी बढ़ोतरी को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में फीस वृद्धि को विनियमित करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दी है।
इसका उद्देश्य फीस ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाना है। इस अध्यादेश के तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि नहीं कर सकेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि पंजाब के खजाने का पैसा अब बेहतर स्कूलों, आधुनिक अस्पतालों, गुणवत्तापूर्ण सड़कों और मजबूत बुनियादी ढांचे के रूप में लोगों तक वापस पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी भ्रष्टाचार और सिफारिश के 68 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।
इसके साथ ही अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजाओं को बंद कर लोगों को बड़ी राहत दी गई है, जिससे पंजाब के लोगों की प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश के समग्र विकास और लोगों की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे और जन सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।