मुख्य बिंदु
• सिटी की चेयर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेन फ्रेजर ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत की आर्थिक प्रगति में सहयोग देने की कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई।
• बैठक में भारत में वैश्विक निवेश आकर्षित करने, भारतीय कंपनियों को विदेशों में बढ़ावा देने तथा वैकल्पिक ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में अवसरों पर चर्चा हुई।
• सिटी अपनी ‘सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस’ के माध्यम से 1,500 से अधिक ग्राहकों और निवेशकों की मेजबानी कर रहा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक पूंजी के लिए भारत में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करना है।
सिटी की चेयर और सीईओ जेन फ्रेजर ने कल भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि, निवेश परिदृश्य तथा देश की प्रमुख विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सिटी की संभावित भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेज आर्थिक विकास और गति बढ़ाने की अपनी परिकल्पना साझा की।
चर्चा में भारत में निवेश और पूंजी प्रवाह, भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए वैश्विक अवसर, वैकल्पिक ऊर्जा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे विषय शामिल रहे। दोनों पक्षों ने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि सिटी किस प्रकार भारत के आर्थिक एजेंडे को और अधिक समर्थन दे सकता है, देश में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में मदद कर सकता है तथा नए बाजारों में विस्तार कर रही भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित कर सकता है।
बैठक में देश के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास से जुड़े मौकों पर भी चर्चा हुई, जिनमें सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे हरित ऊर्जा स्रोत प्रमुख रहे। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसमें नियामकीय ढांचे की भूमिका और आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाएं शामिल थीं।
जेन फ्रेजर के साथ सिटी के भारत सीईओ एवं बैंकिंग प्रमुख तथा इंडियन सबकॉन्टिनेंट सब-क्लस्टर प्रमुख के. बालासुब्रमण्यन भी मौजूद थे। उन्होंने भारत में लगभग 125 वर्षों से अपनी उपस्थिति और योगदान पर गर्व व्यक्त किया, देश में कंपनी की हालिया प्रगति का उल्लेख किया तथा भारत और उसके ग्राहकों के प्रति सिटी की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया।
यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आगे बढ़ाए जा रहे सुधारवादी एजेंडे में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के विश्वास को दर्शाती है। प्रधानमंत्री की विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन को भी नई गति दी है। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बैंक के रूप में सिटी, 3 से 5 जून 2026 तक मुंबई में आयोजित सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस में 1,500 से अधिक ग्राहकों और निवेशकों की मेजबानी कर रही है।
इस मंच का उद्देश्य भारत से जुड़े वैश्विक संवाद को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय पूंजी के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत करना है। वर्ष 2027 में भारत में सिटी की उपस्थिति के 125 वर्ष पूरे होंगे।