पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के अंतर्गत स्थापित 5G यूज़ केस लैब द्वारा 5G एंड बियॉन्ड कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के सहयोग से किया गया। यह कॉन्क्लेव इंडिजिनस 5G यूज़ केसिज़ फॉर एड्रेसिंग नेशनल टेक्नोलॉजी गैप्स विषय पर केंद्रित रहा।
इस कॉन्क्लेव को मुख्य अतिथि के रूप में श्री राधाचरण शाक्य, एडिशनल डीजीटी, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन, एलएसए, हरियाणा ने संबोधित किया। कार्यक्रम में अतिथि-सम्मानित के रूप में श्री सुनील, प्रेसिडेंट, इंस्टिट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन; प्रेसिडेंट, ब्रॉडकास्ट इंजीनियर्स सोसाइटी तथा वाइस प्रेसिडेंट, एशिया-पैसिफिक ब्रॉडकास्टिंग यूनियन, मलेशिया उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पेक के निदेशक प्रोफेसर राजेश कुमार भाटिया, प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह (हेड, डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) तथा कॉन्क्लेव के कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर सिमरनजीत सिंह भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम के आरंभ में प्रोफेसर सिमरनजीत सिंह ने कॉन्क्लेव का अवलोकन प्रस्तुत किया।
उन्होंने जानकारी दी कि पेक की 5G यूज़ केस लैब को देश की 100 चयनित 5G यूज़ केस लैब्स में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में इस लैब को पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
इसके पश्चात प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह ने डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सेमीकंडक्टर रिसर्च सेंटर तथा 5G यूज़ केस लैब की सुविधाओं और क्षमताओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
इसके बाद निदेशक प्रोफेसर राजेश कुमार भाटिया ने पेक परिसर में सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने संस्थान की 104 वर्ष पुरानी विरासत, पहले एयरोस्पेस इंजीनियरिंग बैच तथा प्रतिष्ठित एलुमनी का उल्लेख किया और कॉन्क्लेव के आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
इसके उपरांत अतिथि-सम्मानित श्री सुनील ने कॉन्क्लेव की थीम पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 5G एक एनर्जेटिक प्लेटफॉर्म है, जो पब्लिक पॉलिसी और सिक्योरिटी को सुनिश्चित करता है। उन्होंने इंडियन प्रॉब्लम्स के लिए इंडियन सॉल्यूशंस, रूरल कनेक्टिविटी, लो कॉस्ट, स्टेट मोबिलिटी, पब्लिक सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस, स्पेक्ट्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर रेडीनेस, फाइबर ऑप्टिक्स, स्मॉल सेल्स, सिक्योरिटी, ट्रस्ट और क्रिटिकल स्किल्स इन इंडिया जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने यह भी कहा कि कनेक्टिविटी इज़ द की और AI में अत्यधिक संभावनाएँ हैं। अंत में मुख्य अतिथि श्री राधाचरण शाक्य ने अपने संबोधन में नॉलेज को प्रोडक्ट में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पेक की 104 वर्ष पुरानी विरासत, संस्थान की स्किल और टैलेंट की प्रशंसा की।
इस कॉन्क्लेव में कुल नौ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सोवरेन AI एंड 6G: स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर द 21st सेंचुरी, AI ऐज़ टूल एंड ट्रैफिक, पाथ ऑफ 5G/6G, बियॉन्ड 5G एंड वे टू 6G तथा रियल वर्ल्ड इनसाइट्स जैसे विषयों पर चर्चा की गई। पैनलिस्ट्स में संदीप शर्मा, रविंदर कुमार, संजय कुमार, दिवाकर पाठक, मनींदर नंदा तथा डॉ. मुकेश जावरिया शामिल रहे। सत्रों का संचालन डॉ. सिमरनजीत सिंह एवं डॉ. जसकीरत कौर द्वारा किया गया।
कॉन्क्लेव के पैट्रन निदेशक प्रोफेसर राजेश कुमार भाटिया, चेयरपर्सन प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह तथा कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर सिमरनजीत सिंह रहे। इसके अतिरिक्त, 22 फ़रवरी 2026 को 5G एंड बियॉन्ड: अंडरस्टैंडिंग द टेक्नोलॉजी – फैक्ट्स, फिक्शन, फील्ड रियलिटी एंड एंटरप्रेन्योरियल ऑपर्च्युनिटीज़ विषय पर एक टेक्निकल वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया।