पटियाला तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और देशभर के शिल्पकारों द्वारा निर्मित उत्पाद एक ही मंच पर उपलब्ध कराने तथा विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से पटियाला की विरासती इमारत शीश महल में आयोजित पंजाब सखी शक्ति क्राफ्ट मेले का आज धूमधाम से शुभारंभ हुआ।
2 मार्च तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उनके साथ मेयर कुंदन गोगिया, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया तथा एडीसी (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान भी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि का स्वागत बीन वादन और पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुतियों के साथ किया गया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूर्व सरकारों ने पंजाब की समृद्ध विरासत, संस्कृति और ग्रामीण स्तर की उद्यमिता की उपेक्षा की, किंतु मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसे मेलों के लिए बजट 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 70 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पंजाब को वास्तविक अर्थों में “रंगला पंजाब” बनाने की दिशा में सार्थक कदम हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब सखी शक्ति मेला ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स) और महिला उद्यमियों को सरकारी स्तर पर सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह उच्च गुणवत्ता वाले, ऑर्गेनिक और पारंपरिक उत्पाद तैयार करते हैं, लेकिन बड़े स्तर पर विपणन अवसरों की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस कमी को दूर करने के लिए पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सहयोग से ऐसे मेलों का आयोजन किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा कर शिल्पकारों के साहस, समर्पण और उद्यमशीलता की सराहना की।
इस दौरान हरपाल सिंह चीमा ने शीश महल में पुरालेख विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें महाराजा रणजीत सिंह के खालसा दरबार से संबंधित हस्तलिखित दस्तावेज, महाराजा दलीप सिंह के पत्र तथा वर्ष 1858 के पंजाब गजट की लगभग 20 वर्षों बाद लगाई गई प्रदर्शनी शामिल थी। वित्त मंत्री ने पंजाबी यूनिवर्सिटी द्वारा उद्यमिता, नवाचार एवं करियर हब के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा निर्मित पारंपरिक वस्तुओं की प्रदर्शनी तथा पंजाब डिजिटल लाइब्रेरी की 14वीं प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें 1710 से 1849 तक के सिख शासनकाल के इतिहास को दर्शाया गया है।
उन्होंने लोगों से इन प्रदर्शनों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मान सरकार ने नशा, भ्रष्टाचार और गैंगस्टर संस्कृति जैसी समस्याओं के उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाए हैं तथा आम आदमी क्लीनिक, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, स्कूल ऑफ एमिनेंस, ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान और मेरिट आधारित नौकरियों जैसी पहलों के माध्यम से सुशासन की मिसाल कायम की है।
उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि बंद पड़ी विरासती इमारतों की मरम्मत कर उन्हें पुनः जनता के लिए खोलने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने देशभर से आए शिल्पकारों तथा विशेष रूप से थाईलैंड से पहुंचे कलाकारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
उन्होंने आम जनता और पटियाला वासियों से अपील की कि वे परिवार सहित मेले का आनंद लें। मेले में लगाए गए 150 से अधिक स्टॉलों पर पहले दिन बड़ी संख्या में दर्शकों ने हस्तशिल्प वस्तुओं की खरीद-फरोख्त की। उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कलाकारों द्वारा लोक नृत्य, बीन वादन, बहुरूपिये, कच्ची घोड़ी, बाजीगर आदि प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न राज्यों के स्टॉलों पर परोसे जा रहे स्वादिष्ट व्यंजन, आइसक्रीम, गुजराती व्यंजन, हरियाणवी जलेबी, मुंबई स्ट्रीट फूड, राजस्थानी और दक्षिण भारतीय व्यंजन, राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, बिरयानी और चीनी भोजन ने खान-पान प्रेमियों को आकर्षित किया।
बच्चों के लिए झूले, पिंग और अन्य मनोरंजन साधनों ने मेले की रौनक बढ़ाई। 2 मार्च तक चलने वाले इस मेले में पंजाब सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना है। इस अवसर पर एसपी पलविंदर सिंह चीमा, एसडीएम राजपुरा नमन मारकन, एसडीएम समाना रिचा गोयल, मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी सतीश चंद्र, रीना रानी, शायना कपूर, एनजेडसीसी के सहायक निदेशक रविंदर शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी भूपिंदर सिंह सोफत, मंच संचालक सुमन बत्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।