ब्रिटिश लॉरेट स्कूल ने अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उत्साहपूर्वक राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया। यह दिन 2023 में चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता का स्मरण कराता है, जब विक्रम लैंडर ने चंद्र सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी और प्रज्ञान रोवर को तैनात किया था।
इस उपलब्धि के साथ, भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश और दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया।स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती भावना शर्मा ने कहा कि इस उपलब्धि से प्रत्येक भारतीय को गर्व की अनुभूति हुई है तथा भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के सपने जगे हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल समारोह का उद्देश्य युवा शिक्षार्थियों को नवाचार और वैज्ञानिक जिज्ञासा की भावना से प्रेरित करना है।इस अवसर पर एक विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पृथ्वी से चंद्रमा तक भारत की यात्रा तथा अन्य संबंधित विषयों पर भाषण दिए।
इस अवसर पर पहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता तथा तीसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए रॉकेट मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।और रचनात्मक मॉडल बनाए। शिक्षकों ने कार्यशील रॉकेट मॉडलों की एक गैलरी वॉक भी आयोजित की, जिससे छात्रों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की एक रोमांचक झलक मिली।
युवा शिक्षार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अंतरिक्ष में भारत की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा रचनात्मकता, नवाचार और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा दिया।