Thursday, 23 July 2026

 

 

खास खबरें भाजपा चाहती तो हिमाचल प्रदेश को कर्जमुक्त बना सकती थीः सुखविन्द्र सिंह सुक्खू आप सरकार ने नौकरशाही को हाशिए पर धकेलने के बाद अब खुलेआम राजनीति का अपराधीकरण शुरू कर दिया है: सुनील जाखड़ पंजाब में पेपर लीक मामलों पर मान और बैंस दें इस्तीफा: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग 'मिर्जापुर: द फिल्म' से पहले श्वेता त्रिपाठी ने याद किया फ्रेंचाइज़ी का यादगार सफर खरड़ पदयात्रा का 9वां दिन : रविंदर सिंह खेड़ा ने निज्जर रोड पर बंद पड़ी सीवरेज लाइन का मुद्दा उठाया सुखबीर सिंह बादल द्वारा अकाली कार्यकर्ताओं से सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य करने का आग्रह सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र से विरोध कर रहे छात्रों की शिकायतों का समाधान करने की अपील की 'दोस्त-दोस्त न रहा' गाने वाले मुकेश ने कई फिल्मों में किया अभिनय, संगीत प्रेमियों के दिलों में आज भी गूंजती है उनकी आवाज गुजरात: गृह मंत्री अमित शाह ने 815 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया नीट विवाद: हैदराबाद पुलिस ने लोक भवन की ओर मार्च कर रहे छात्रों को रोका पीएम आवास के बाहर धरना दे रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हटाया, राहुल गांधी बोले-जोर आजमा लो, लड़ाई नहीं रुकेगी राहुल गांधी की केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से वार्ता विफल, कांग्रेस ने सरकार के सामने रखी 5 मांगें 'छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करना गलत', राहुल गांधी ने भारतीय से धरने में शामिल होने की अपील की कम बारिश वाले जिलों में किसानों की मदद के लिए तेज प्रयास कर रही केंद्र कोल्हापुर को मिलेगा 35 हजार दर्शक क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, सीएम फडणवीस की मौजूदगी में हुआ एमओयू छात्रों के विरोध प्रदर्शन को संवेदनशीलता से संभाले सरकार, वाईएसआर कांग्रेस की मांग जयशंकर का दो द‍िवसीय फिलीपींस दौरा, 'आसियान' और 'क्‍वाड' बैठक में होंगे शामिल पंकज त्रिपाठी की 'ओह माय डॉग' में दिखेगा इंसान और डॉग का खास रिश्ता, बोले- 'यह कहानी दिल को छू लेने वाली है' ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने धूरी हलके में चल रही विकास परियोजनाओं का लिया जायजा बेला फ़ार्मेसी कॉलेज को नया पेटेंट मिला लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें अधिकारी: आशिका जैन

 

देश में स्‍थापित किए जा रहे हैं 20 भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी केंद्र

उत्पादन बढ़ाने व नस्ल सुधार में भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी अत्‍यंत कारगर : राधामोहन सिंह

Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

पुणे , 28 Sep 2018

Last updated on: Sep 28, 2018, 00:00 IST

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने उर्लिकंचन, पुणे स्थित बैफ में भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी केंद्र के शिलान्यास समारोह और पुणे स्थित वेम्निकोम में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत आयोजित पोषक अनाज पर राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में उपस्थित लोगों को सम्बोधित किया।

देशी नस्लों के जीनोमिक चयन हेतु विकसित किया गया इंडसचिप

उत्तराखंड के ऋषिकेश में लिंग चयनित वीर्य केंद्र का शिलान्यास जून, 2018 में किया जा चुका है

पोषक अनाज उपमिशन में क्लस्टर प्रदर्शन, हाइब्रिड एवं उच्च पैदावार क़िस्मों का वितरण, प्रमाणित बीजों का उत्पादन इत्‍यादि शामिल किए गए 

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने भारतीय कृषि इंडस्ट्रीज फाउंडेशन (बैफ), पुणे में भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी केंद्र के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित करते हुए बताया कि भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी केंद्र योजना के अंतर्गत देश में 20 भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 19 केंद्रों के प्रस्ताव को स्वीकृत किया जा चुका है। इन केन्द्रों में 3 हजार देशी नस्लों के उच्च आनुवांशिक क्षमता वाले सांड तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से दो केन्द्रों की स्थापना महाराष्ट्र के नागपुर एवं पुणे में किया जाना तय किया गया था जिसके अंतर्गत पुणे में इसका शिलान्यास किया जा रहा हैl उन्होंने बताया कि देशी नस्लों के उच्च आनुवांशिक क्षमता वाले सांडों के वीर्य के उत्पादन के लिए काफी मांग है। इसके साथ ही कुछ नस्लों की संख्या काफी कम हो गयी है। ऐसे में उत्‍पादन बढ़ाने और नस्ल सुधार में भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी बेहद कारगर साबित हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए बैफ, उर्लिकंचन में एक ऐसे ही केंद्र की स्थापना की जा रही है।  केंद्र की स्थापना के लिए 5.07 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस केंद्र में उच्च अनुवांशिक क्षमता के गिर, साहिवाल, लाल कंधारी ,डांगी, देओनी और गओलाओ के सांड तैयार किए जाएंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि पशुपालकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु कृषि एवं डेयरी व्यवसाय एक दूसरे के पूरक हैं। इसके लिए उत्तम नस्ल के पशुधन आवश्यक है, जिससे कि उत्पादन बढ़ाया जा सके। इसके मद्देनजर उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत लिंग चयनित वीर्य उत्पादन हेतु 10 वीर्य केन्द्रों को चिन्हित किया जा चुका है। दो केन्द्रों का प्रस्ताव उत्तराखंड, महाराष्ट्र के लिए भी स्वीकृत किया गया है जिसमें से उत्तराखंड के ऋषिकेश में लिंग चयनित वीर्य केंद्र का शिलान्यास जून 2018 में किया जा चुका है। वहीं, देशी नस्लों के जीनोमिक चयन हेतु इंडसचिप को विकसित किया गया है। इसके साथ ही 6000 पशुओं की इंडसचिप के उपयोग से जीनोमिक चयन के लिए पहचान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत वर्तमान सरकार द्वारा मार्च, 2018 तक 29 राज्यों से आये प्रस्तावों के लिए 1600 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं जि‍नमें से 686 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। 20 गोकुल ग्राम इसी योजना के अंतर्गत स्थापित किये जा रहे हैं। इसके अलावा पशु संजीवनी घटक के अंतर्गत 9 करोड़ दुधारू पशुओं की पहचान यूआईडी द्वारा की जा रही है।

माननीय कृषि मंत्री ने कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा ग्रामीणों के दरवाजे पर लाभकारी स्व रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए बैफ के प्रयासों की सराहना करते हुए भ्रूण हस्‍तांतरण प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी बैफ द्वारा उत्कृष्ट कार्य करते हुए वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण योगदान देने की आशा व्यक्त की। पुणे में ही स्थित वेम्निकोम में आयोजित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत पोषक अनाज उपमिशन पर राष्ट्रीय कार्यशाला के उदघाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  श्री राधामोहन सिंह ने कहा कि गेहूं, धान, मक्का आदि की अपेक्षा पोषक अनाजों (ज्वार, बाजरा, रागी व अन्य छोटे मिलेट) का विशेष महत्व है क्योंकि ये अनाज स्वास्थ्य एवं पोषण की दृष्टि से अति उत्तम हैं। पोषक अनाजों का उपयोग खाद्यान्न, पशुओं के चारे एवं दाने तथा ईंधन के रूप में होता है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि देश में वर्ष 2016-17 से ही लगातार विभिन्न फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2017-18 में चावल, गेहूं, पोषक अनाजों सहित मोटे अनाज व दलहन का कुल खाद्यान्न 284.83 मिलियन टन का हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.53 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि पोषक अनाज उपमिशन में विभिन्न घटक शामिल किए गए हैं जैसे कि प्रथम पंक्ति प्रदर्शन, क्लस्टर प्रदर्शन, हाइब्रिड एवं उच्च पैदावार क़िस्मों का वितरण, प्रमाणित बीजों का उत्पादन, इत्‍यादि। मक्का सहित पोषक अनाजों के विकास के कार्य के लिए सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-मोटे अनाज के अंतर्गत वर्ष 2014-15 से 28 राज्यों के 265 जिलों को शामिल किया था, जिससे कि इनकी उत्पादकता बढ़ाकर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। अपने सम्बोधन के आखिर में कृषि मंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि पोषक अनाजों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदर्शनी, सम्मेलन, फिल्म डॉक्यूमेंट्री का निर्माण, पंपलेटों का प्रकाशन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय, राज्य एवं जनपद स्तर की संगोष्‍ठी, इत्‍यादि का आयोजन करना चाहिए।

 

Tags: Radha Mohan Singh

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD