सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता, विधायक एवं पूर्व मंत्री सरदार कुलदीप सिंह धालीवाल ने अपनी कर्मभूमि और विधानसभा क्षेत्र अजनाला के सीमावर्ती तथा पिछले वर्ष प्राकृतिक बाढ़ से प्रभावित गांवों—बलड़वाल, आबादी बाबा गम चुक साहिब, आबादी हरनाम सिंह और बड़ा फतेहवाल आदि में आयोजित प्रभावशाली जन मिलन कार्यक्रमों को संबोधित किया।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के अब तक के कार्यकाल की जनहितैषी उपलब्धियों और लोककल्याणकारी बदलावों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा तथा अगले वर्ष अथवा संभावित रूप से नवंबर माह में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में "सरबत दा भला" और समृद्ध पंजाब की निरंतरता के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पुनः सरकार बनाने का आह्वान किया।
मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक सरदार धालीवाल ने कहा कि यदि पंजाब सहित देश पर लंबे समय तक शासन करने वाली पूर्ववर्ती सरकारों ने हर वर्ष मानसून के दौरान नदियों, दरियाओं और नालों में आने वाली भीषण बाढ़ से बचाव के लिए भ्रष्ट तरीकों की बजाय ईमानदारी से स्थायी और उचित प्रबंध किए होते, तो आज किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम लोगों के मन में मानसून आते ही बाढ़ का भय नहीं होता, बल्कि राहत और खुशी का वातावरण होता।
उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले मान सरकार ने जिला उपायुक्तों तथा ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को संभावित बाढ़ से बचाव के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। अजनाला क्षेत्र से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय रावी नदी में पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए धुस्सी बांध के 23 स्थानों की मरम्मत, मजबूती, पत्थरों से स्पर निर्माण, नदियों-नालों की सफाई, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में चलने वाली आधुनिक मशीनों सहित समस्त अग्रिम तैयारियों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
सरदार धालीवाल ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों द्वारा पिछले वर्ष बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों से मिलने और राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए भाजपा नेताओं के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों को भेजने की घोषणा को मात्र "नौटंकी" करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सबसे अधिक प्रभावित विधानसभा क्षेत्र अजनाला सहित पूरे पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा हवाई सर्वेक्षण के दौरान गुरदासपुर में तथा लगभग दो दर्जन केंद्रीय मंत्रियों द्वारा पंजाब दौरे के समय बड़े-बड़े वित्तीय पैकेज देने के जो वादे किए गए थे, वे आज तक केवल खोखले साबित हुए हैं।
इसलिए भाजपा नेताओं के ये दौरे भी बिना किसी केंद्रीय सहायता के महज़ औपचारिकता बनकर रह जाएंगे। धालीवाल ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले वर्ष अजनाला के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए स्वयं कहा था कि यह केवल बाढ़ नहीं, बल्कि भीषण जलप्रलय है।
उस समय उन्होंने (धालीवाल ने) अजनाला क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे और फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा था। मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन तो दिया, लेकिन आज तक वह केवल आश्वासन ही साबित हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था। गुरदासपुर में हुई बैठक के दौरान पंजाब सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने 13 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने केवल 1600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की, जो बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के साथ अन्याय साबित हुई।
धालीवाल ने कहा कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इस घोषित 1600 करोड़ रुपये में से एक भी रुपया पंजाब सरकार को जारी नहीं किया गया। धालीवाल ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को सलाह दी कि संवेदनशील क्षेत्रों में इस प्रकार की नौटंकी करने के बजाय वे केंद्र सरकार से पिछले वर्ष घोषित 1600 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत पैकेज, पंजाब ग्रामीण विकास फंड की रोकी गई राशि तथा अन्य लंबित वित्तीय सहायता जारी करवाने के लिए प्रयास करें और पंजाब के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त करवाने हेतु भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार के पास भेजें।
इस अवसर पर सरपंच जगतार सिंह, सरपंच जगीर सिंह, सरपंच राजू फतेहवाल, पंचायती राज संस्थाओं के अन्य प्रतिनिधि तथा अधिकारी भी उपस्थित थे।