पंजाब सरकार ने राज्य में अनुसूचित जाति (एस.सी.) के युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से नेशनल स्किल्ल क्वॉलिफ़िकेशन फ्रेम्वर्क (एन.एस.क्यू.एफ.) से जुड़े मुफ्त आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। ये कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी अपोलो मेड स्किल्स के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की अनुसूचित जाति के युवाओं को कौशल विकास, रोजगार सृजन और समावेशी विकास के माध्यम से सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग, पंजाब द्वारा दो उद्योग-संबंधित पाठ्यक्रमों “केयर-गिवर–मदर एंड न्यू बॉर्न” (माता एवं नवजात शिशु की देखभाल) तथा “एल्डरली केयर टेकर” (वृद्धजनों की देखभाल) के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
ये प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के माध्यम से चयनित लुधियाना और जालंधर केंद्रों में 1 जुलाई से शुरू होंगे। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पात्र उम्मीदवारों को मुफ्त आवास, भोजन, प्रशिक्षण किट तथा एक राष्ट्रीय संस्था द्वारा प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पात्र उम्मीदवारों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि न्यूनतम मैट्रिक (10वीं) उत्तीर्ण, अनुसूचित जाति से संबंधित तथा पंजाब के स्थायी निवासी उम्मीदवार इन कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि ये पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को औद्योगिक अनुभव, व्यावहारिक कौशल और प्लेसमेंट सहायता प्रदान करने के लिए तैयार किए गए हैं, जिससे अनुसूचित जाति समुदाय में रोजगार और आजीविका के अवसर और अधिक मजबूत होंगे।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “कौशल विकास में जीवन बदलने की शक्ति होती है। जब कोई युवा कौशल प्राप्त कर रोजगार हासिल करता है, तो वह न केवल अपने भविष्य को मजबूत बनाता है, बल्कि पूरे परिवार में आत्मविश्वास, स्थिरता और नई आशा का संचार करता है। पंजाब सरकार प्रत्येक पात्र युवा को बेहतर भविष्य बनाने का अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इच्छुक उम्मीदवार अपनी जानकारी [email protected], [email protected] अथवा [email protected] पर भेज सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे अधिक जानकारी और सहायता के लिए अपने जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।